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जिले के लाल ने किया कमाल, मिला गोल्ड मेडल
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:00 AM IST
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आजमगढ़। सशस्त्र सीमा बल के उत्कृष्ट पुरस्कार गोल्डेन डिस्क प्राप्त कर दीपक सिंह ने जिले का मान बढ़ाया है। मुबारकपुर के मोहब्बतपुर के रहने वाले दीपक वर्तमान में एसएसबी में खेल कोच के रूप में 25 बटालियन में तैनात है। गोल्ड डिस्क प्राप्त कर घर लौटने पर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
रामभवन सिंह पहलवान के पुत्र दीपक ने पहलवानी में कई पदक प्राप्त किया है। मुबारकपुर क्षेत्र के नीबी अखाड़े से जुड़े दीपक सिंह ने अपने खेल प्रतिभा के बल पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में नियुक्ति पाई। यहां भी उसने एसएसबी की तरफ से विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया। जिस पर 2012 में उसे एसएसबी ने सिल्वर मेडल से पुरस्कृत किया। इसके साथ ही 25 वीं बटालियन में उसे खेल कोच के पद पर पदोन्नति कर दी गई। जहां वह एसएसबी के खिलाडिय़ों को पहलवानी सिखा रहे है। कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दीपक के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए 19 दिसंबर 2017 को एसएसबी ने उन्हें प्रतिष्ठित गोल्डेन डिस्क से सम्मानित किया। एसएसबी के जनरल डायरेक्टर रजनीकांत मिश्र ने उन्हें दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया। इन दिनों दीपक छुट्टी पर घर आए है और उनकी सफलता पर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में खुशी व्याप्त है। तीन भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर के दीपक के चार छात्र वर्तमान में कुश्ती के इंडिया टीम कैंप में प्रतिभाग कर रहे है।
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रामभवन सिंह पहलवान के पुत्र दीपक ने पहलवानी में कई पदक प्राप्त किया है। मुबारकपुर क्षेत्र के नीबी अखाड़े से जुड़े दीपक सिंह ने अपने खेल प्रतिभा के बल पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में नियुक्ति पाई। यहां भी उसने एसएसबी की तरफ से विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया। जिस पर 2012 में उसे एसएसबी ने सिल्वर मेडल से पुरस्कृत किया। इसके साथ ही 25 वीं बटालियन में उसे खेल कोच के पद पर पदोन्नति कर दी गई। जहां वह एसएसबी के खिलाडिय़ों को पहलवानी सिखा रहे है। कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दीपक के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए 19 दिसंबर 2017 को एसएसबी ने उन्हें प्रतिष्ठित गोल्डेन डिस्क से सम्मानित किया। एसएसबी के जनरल डायरेक्टर रजनीकांत मिश्र ने उन्हें दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया। इन दिनों दीपक छुट्टी पर घर आए है और उनकी सफलता पर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में खुशी व्याप्त है। तीन भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर के दीपक के चार छात्र वर्तमान में कुश्ती के इंडिया टीम कैंप में प्रतिभाग कर रहे है।
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