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बिल्डरों की अरुचि शासन की योजना को लगा रही पलीता

Sun, 20 Jan 2019 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:18 AM IST
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बिल्डरों की अरुचि शासन की योजना को लगा रही पलीता
आजमगढ़। शासन की मंशा निम्न आय वर्ग के लोगों सस्ते दर पर आवास बनाकर देने की है। इसके लिए विकास-प्राधिकरण और आवास विकास को दो वित्तीय वर्ष के लिए लक्ष्य का आवंटन भी कर दिया गया है। आवास विकास को जहां दो वर्षों में 1000 आवास बनाने हैं, वहीं प्राधिकरण को 800 । इसके साथ ही प्राइवेट बिल्डरों को 4.50 लाख प्रति आवास की दर आकर्षित कर आवास बनवाने की बात कही गई है। शासन की ओर से आवास की धनराशि मात्र 4.50 लाख रखने से कोई भी बिल्डर इस ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं। विभागों की ओर से निकाल गए टेंडर में एक भी निविदा नहीं आ रही है। इसके कारण कई बार टेंडर निरस्त हो चुके हैं। एक वर्ष बीत चुका है और जनपद ने एक भी आवास नहीं बन पाया है। इससे शासन की योजना को पलीता लग रहा है। शासन की ओर से प्राधिकरण को दो वित्तीय वर्ष में 800 आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 432 आवास के लिए सिधारी में कमिश्नरी के पास लगभग 17.50 करोड़ की डीपीआर पास भी हो चुकी है। प्राधिकरण की ओर से आवास बनाने के लिए दो बार टेंडर निकाला जा चुकी है। दोनों बार ही अपेक्षित निविदा नहीं आने से निरस्त हो चुका है। अब तीसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी की जा रही है। शेष बचे लगभग 400 आवासों के लिए अभी कहीं जमीन नहीं मिल पाई है। वहीं, आवास विकास को दो वित्तीय वर्षों में 1000 आवास बनाने हैं। अभी तक वो इसके लिए जमीन ही नहीं तलाश पाया है। कहीं एप्रोच रोड की कमी है तो कहीं किसानों का विरोध है। नतीजा ये है कि एक साल बीतने के बाद जनपद में एक भी आवास पर धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा शासन की ओर से प्राइवेट बिल्डरों को 4.50 लाख प्रति आवास की दर आकर्षित कर आवास बनवाने की बात कही गई है। इसके लिए जनपद का नोडल पिछले दिनों विकास प्राधिकरण अयोध्या-फैजाबाद को बनाया गया था। यहा भी बिल्डरों को आमंत्रित करने के लिए गत माह टेंडर निकाला गया था, लेकिन कोई भी निविदा नहीं आई। शासन की ओर से आवास बनाने की धनराशि मात्र 4.50 लाख रखी गई है। आवास-विकास और प्राधिकरण को तो सरकारी जमीन पर 4.50 लाख की दर से आवास बनवाने हैं। वहीं प्राइवेट बिल्डरों को अपनी जमीन पर 4.50 लाख की दर से आवास बनाने होंगे। घाटे का सौदा मान बिल्डर इससे किनारा कर रहे हैं। इससे सरकार की इस महत्वाकंक्षी योजना को पलीता लग रहा है।
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अब निविदा डालने के लिए बिल्डरों को प्रोत्साहित करेगा एडीए
प्रमुख सचिव आवास में शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने निम्न आय वर्ग के लोगों सस्ते दर पर आवास बनाने के लिए बिल्डरों को प्रोत्साहित करने के निर्देश एडीए को दिए हैं। कहा कि लकनऊ आदि के बिल्डरों से एडीए के अधिकारी स्वयं बात कर निविदा डालने के लिए राजी करें। इसके बाद एडीए के अधिकारियों ने इस दिशा में भी कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने ये भी कहा कि इसके बाद भी आवास नहीं बन पाता है तो आवास बनाने की जिम्मेदारी आवास-विकास परिषद को हैंडओवर कर दी जाए। इस संबंध में डीएम को दोनों विभागों के साथ बातचीत करने के निर्देश दिए हैं।
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शहर के आसपास भी तलाशे जमीन
अफोर्डेबल आवास बनाने में पिछड़े आवास-विकास परिषद को शहर और उसके आसपास के क्षेत्र में भी जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। आवास विकास को कुल 1000 आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है जबकि वो अभी जमीन भी तलाश नहीं पाया है।
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प्रमुख सचिव ने बिल्डरों से बातचीत कर उन्हें निविदा डालने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस पर कार्य किया जा रहा है। आवास की कास्ट कम होने से बिल्डर किनारा कर रहे हैं। इस मुद्दे पर शासन की ओर से ही फैसला लिया जा सकता है।
बाबू सिंह, एडीए सचिव
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