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पिडियाट्रिक आईसीयू स्थापित नहीं प्लांट रूम के जारी हुआ धन
Updated Mon, 30 Apr 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में पिडियाट्रिक आईसीयू अब तक पूरी तरह से स्थापित नहीं हो सका है। सिर्फ एक वार्ड को पिडियाट्रिक आईसीयू के नाम से बना दिया गया है। वहीं शासन ने कागजों में स्थापित इस यूनिट के प्लांट रूम की स्थापना के लिए 12.52 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी है। जबकि प्लांट रूम की स्थापना के पूर्व इस आईसीयू को मूर्तरूप में लाया जाना चाहिए था।
जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय अस्पताल में पिडियाट्रिक आईसीयू की स्थापना की योजना पिछली सरकार से ही बन और बिगड़ रही है। अब तक योजना के तहत अस्पताल प्रशासन ने सिर्फ एक वार्ड की स्थापित किया है। जिसमें दस बेड लगे हुए है। सभी बेड के पास ऑक्सीजन के सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई है। आधी अधूरी तैयारी से युक्त यह आईसीयू वर्तमान में बंद पड़ा हुआ है। इसके सफल संचालन के लिए वेटिलेटर के साथ ही अन्य कई सारे जरूरी उपकरणों की अब तक यहां व्यवस्था नहीं हो सकी है। बिना आईसीयू का कार्य पूरा हुए ही शासन ने इस आईसीयू के लिए प्लांट रूम की स्थापना के लिए शासन ने 12.52 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दिया है। बिना आईसीयू के स्थापित हुए ही शासन ने जारी हुए प्लांट रूम के लिए इस धन का कितना सदुपयोग होगा यह समझ से परे है।
प्लांट रूम से आईसीयू को मिलेगी 24 घंटे बिजली
आजमगढ़। 12.52 लाख रुपये की लागत से स्थापित होने वाले प्लांट रूम से आईसीयू को 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की जायेगी। आईसीयू की लाइट लगातार चौबीस घंटे रहे इसके लिए इस प्लांट रूम में बैकअप के लिए बैट्री आदि लगायी जायेगी। आईसीयू के लिए प्लांट का होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन जब अब तक आईसीयू ही स्थापित नहीं हो सकी है तो फिर प्लांट स्थापना के मद में पैसा जारी होने के बजाए पहले आईसीयू के लिए जरूरी उपकरण वेटिंलेटर आदि की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए थी। जब आईसीयू तैयार हो जायेगा तभी इस प्लांट की उपयोगिता साबित होगी।
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अब तक अस्पताल में पिडियाट्रिक आईसीयू की स्थापना नहीं हुई है। सिर्फ पिडियाट्रिक वार्ड की स्थापित हुआ है। सरकार अस्पताल में आईसीयू की स्थापना का कोई स्पष्ट निर्णय ही नहीं ले रही है। कभी शासन का निर्देश आईसीयू की स्थापना का आता है तो कभी सरकार अपनी योजना को वापस ले लेती है। फिलहाल पिडियाट्रिक वार्ड स्थापित है। शासन ने प्लांट रूम के लिए धन आवंटित किया है तो हो सकता है कि वर्तमान सरकार आईसीयू की स्थापना की योजना बनायी हो। फिलहाल मेरे संज्ञान में अभी कुछ नहीं है, जैसा शासन का निर्देश होगा उस आधार पर काम कराया जायेगा।
डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।
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जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय अस्पताल में पिडियाट्रिक आईसीयू की स्थापना की योजना पिछली सरकार से ही बन और बिगड़ रही है। अब तक योजना के तहत अस्पताल प्रशासन ने सिर्फ एक वार्ड की स्थापित किया है। जिसमें दस बेड लगे हुए है। सभी बेड के पास ऑक्सीजन के सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई है। आधी अधूरी तैयारी से युक्त यह आईसीयू वर्तमान में बंद पड़ा हुआ है। इसके सफल संचालन के लिए वेटिलेटर के साथ ही अन्य कई सारे जरूरी उपकरणों की अब तक यहां व्यवस्था नहीं हो सकी है। बिना आईसीयू का कार्य पूरा हुए ही शासन ने इस आईसीयू के लिए प्लांट रूम की स्थापना के लिए शासन ने 12.52 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दिया है। बिना आईसीयू के स्थापित हुए ही शासन ने जारी हुए प्लांट रूम के लिए इस धन का कितना सदुपयोग होगा यह समझ से परे है।
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प्लांट रूम से आईसीयू को मिलेगी 24 घंटे बिजली
आजमगढ़। 12.52 लाख रुपये की लागत से स्थापित होने वाले प्लांट रूम से आईसीयू को 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की जायेगी। आईसीयू की लाइट लगातार चौबीस घंटे रहे इसके लिए इस प्लांट रूम में बैकअप के लिए बैट्री आदि लगायी जायेगी। आईसीयू के लिए प्लांट का होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन जब अब तक आईसीयू ही स्थापित नहीं हो सकी है तो फिर प्लांट स्थापना के मद में पैसा जारी होने के बजाए पहले आईसीयू के लिए जरूरी उपकरण वेटिंलेटर आदि की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए थी। जब आईसीयू तैयार हो जायेगा तभी इस प्लांट की उपयोगिता साबित होगी।
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अब तक अस्पताल में पिडियाट्रिक आईसीयू की स्थापना नहीं हुई है। सिर्फ पिडियाट्रिक वार्ड की स्थापित हुआ है। सरकार अस्पताल में आईसीयू की स्थापना का कोई स्पष्ट निर्णय ही नहीं ले रही है। कभी शासन का निर्देश आईसीयू की स्थापना का आता है तो कभी सरकार अपनी योजना को वापस ले लेती है। फिलहाल पिडियाट्रिक वार्ड स्थापित है। शासन ने प्लांट रूम के लिए धन आवंटित किया है तो हो सकता है कि वर्तमान सरकार आईसीयू की स्थापना की योजना बनायी हो। फिलहाल मेरे संज्ञान में अभी कुछ नहीं है, जैसा शासन का निर्देश होगा उस आधार पर काम कराया जायेगा।
डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।