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महामूर्ख की उपाधि से नवाजे गए सपा जिलाध्यक्ष
Updated Sat, 03 Mar 2018 11:36 PM IST
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आजमगढ़। मारवाड़ी धर्मशाला में मारवाड़ी युवा मंच के तत्वावधान में शुक्रवार की शाम होली मिलन और महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया गया। लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले लगकर होली की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को तंगवस्त्र, आलू, बैगन की माला और टोपी पहनाकर महामूर्ख की उपाधि से नवाजा़ गया। हास्य कवियों की कविताओं से देर रात लोग लोटपोट होते रहे।
मारवाड़ी युवा मंच के तत्वावधान में आयोजित होली मिलन और महामूर्ख सम्मेलन में सर्व प्रथम अतिथियों, कवियों का स्वागत आलू, बैगन, मिर्चा की माला, टोपी पहनाकर किया गया। सम्मेलन का संचालन कर रहे गीतकार वैभव वर्मा ने आए हुए अतिथि पर व्यंगात्मक कविता सुनाकर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। कवि अश्क चिरैयाकोटी ने प्यार किसी से करके देखो। अतुल कुमार मुन्ना ने स्वरचित रचना खूब कर हुड़दंग अब की होली में, यही समझ कर मिल जाते हैं गले, मिलेगा अंग से अंग अब की होली म । भजन गायक राजेश रंजन अमवा कै डरिया पर बोलैले कोयलिया, होली आइल । कहिया ले जईबा डोलिया राजा जी । कवि दशरथ राय रथेश ने कृष्ण के बिना ब्रज की गोपियों के विरह को अपनी कविता के माध्यम से कुछ इस प्रकार पेश किया। हे हो बसंत अवै बसंत, जो कंत की आग में ना बोलवइबा। शायर शाहिद बर्की ने सांप्रदायिक सौहार्द पर गजल को सुनाकर लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया। मुख्य अतिथि सपा अध्यक्ष हवलादर यादव ने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय होती है। महामूर्ख सम्मेलन में शामिल हुए अतिथियों में बनवारी जालान, इंजीनियर रामनरायन शर्मा, अशोक वर्मा, फारुख आदिल अब्बासी, मारवाड़ी युवा मंच के बलराम तुलस्यान, गोपाल डालमिय आदि शामिल रहे।
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मारवाड़ी युवा मंच के तत्वावधान में आयोजित होली मिलन और महामूर्ख सम्मेलन में सर्व प्रथम अतिथियों, कवियों का स्वागत आलू, बैगन, मिर्चा की माला, टोपी पहनाकर किया गया। सम्मेलन का संचालन कर रहे गीतकार वैभव वर्मा ने आए हुए अतिथि पर व्यंगात्मक कविता सुनाकर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। कवि अश्क चिरैयाकोटी ने प्यार किसी से करके देखो। अतुल कुमार मुन्ना ने स्वरचित रचना खूब कर हुड़दंग अब की होली में, यही समझ कर मिल जाते हैं गले, मिलेगा अंग से अंग अब की होली म । भजन गायक राजेश रंजन अमवा कै डरिया पर बोलैले कोयलिया, होली आइल । कहिया ले जईबा डोलिया राजा जी । कवि दशरथ राय रथेश ने कृष्ण के बिना ब्रज की गोपियों के विरह को अपनी कविता के माध्यम से कुछ इस प्रकार पेश किया। हे हो बसंत अवै बसंत, जो कंत की आग में ना बोलवइबा। शायर शाहिद बर्की ने सांप्रदायिक सौहार्द पर गजल को सुनाकर लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया। मुख्य अतिथि सपा अध्यक्ष हवलादर यादव ने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय होती है। महामूर्ख सम्मेलन में शामिल हुए अतिथियों में बनवारी जालान, इंजीनियर रामनरायन शर्मा, अशोक वर्मा, फारुख आदिल अब्बासी, मारवाड़ी युवा मंच के बलराम तुलस्यान, गोपाल डालमिय आदि शामिल रहे।
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