फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   जनवरी में प्रधानमंत्री कर सकते हैं शिलान्यास

जनवरी में प्रधानमंत्री कर सकते हैं शिलान्यास

Mon, 13 Nov 2017 11:26 PM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
जनवरी में प्रधानमंत्री कर सकते हैं शिलान्यास
आजमगढ़। वाराणसी से लालगंज, आजमगढ़ होते हुए गोरखपुर तक नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए सर्वे का काम पूरा करने के बाद अब जमीन अधिग्रहण के लिए पत्थर गाड़ने का काम किया जा रहा है। जमीन का सर्वे पूरा होने के बाद रेलवे विभाग किसानों को मुआवजा और ट्रैक बिछाने में आने वाले खर्च का आकलन 42 सौ करोड़ रुपये करते हुए बजट के लिए रेल मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। 500 से अधिक गांवों से होते हुए इस रेल खंड के निर्माण के लिए जनवरी में प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए जाने की संभावना है।
विज्ञापन

बता दें कि आजमगढ़ से वाराणसी के लिए रेल मार्ग पिछाने के लिए कालिका प्रोजेक्ट के नाम से वर्ष 1960 में लालगंज पश्चिमी के सांसद रहे कालिका सिंह ने आवाज बुलंद किया था। कालिका की मांग पर रेलवे विभाग ने सर्वे किया था। लेकिन बाद में मामला खटाई में पड़ गया और फाइल दब गई। वर्ष 2014 में लालगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनी गईं भाजपा की सांसद नीलम सोनकर ने नए रेलखंड की मांग संसद और रेलमंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने मुबारकपुर का रेशम उद्योग, रानी की सराय, अतरौलिया का जूट उद्योग, निजामाबाद का ब्लैक पॉटरी के इससे नुकसान की बात उठाई। इसके अलावा रेल सुविधा ना होने से लालगंज समेत आसपास क्षेत्र के लोगों को अन्य महानगरों में जाने के लिए वाराणसी और आजमगढ़ की लंबी दूरी तय करके ट्रेन पकड़नी पड़ती है। सांसद के इस मुद्दे पर विचार करते हुए रेल मंत्री ने वाराणसी से लालगंज, आजमगढ़, दोहरीघाट होते हुए गोरखपुर तक रेलवे लाइन से जोड़ने की मंजूरी दे दी। रेल मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद गोरखपुर और वाराणसी डिवीजन की तरफ से सर्वे कराया गया। सर्वे का काम पूरा होने के बाद अब उन किसानों के खेत में पत्थर गाड़ने का काम शुरू है। जिधर से होते हुए ट्रैक गुजरेगा। रेलवे के मुताबिक रेलवे ट्रैक वाराणसी से गोरखपुर के बीच करीब 500 से अधिक गांव से होते हुए गुजरेगी। जिस किसानों की जमीन रेलवे ट्रैक के लिए अधिग्रहित किया जाएगा। उन्हें सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन


वाराणसी से लालगंज-आजमगढ़ होते हुए गोरखपुर तक रेल चलाना मेरे जीवन का उद्देश्य है। चुनाव जीतने के बाद से लगातार मैं इसके लिए प्रयासरत रही हूं। कड़ी मेहनत का परिणाम रहा कि रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए दो चरणों के सर्वे का काम पूरा होने के बाद अब जमीन में पत्थर गाड़ा जा रहा है। 42 सौ करोड़ की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना का शिलान्यास जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- नीलम सोनकर, भाजपा सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed