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772 शहरी गरीबों को जल्द मिलेगा अपना आशियाना
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:43 PM IST
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आमजगढ़। जिले के 772 गरीबों को जल्द ही अपना आवास उपलब्ध होगा। प्रशासन की ओर से जिले में खाली पड़े कांशीराम आवासों को गरीब लोगों को आवंटित करने का फैसला लिया गया है। चक गोरया कांशीराम कालोनी में अभी 28 और जाफरपुर में 44 आवास खाली पड़े हैं। इसके अलावा मुबारकपुर के गजड़हा में सभी 460 और देवरिया में 240 आवास खाली हैं। आवास आवंटन में निराश्रित विकलांग और विधवा को वरीयता दी जाएगी। जल्द ही इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित की जानी है।
शहरी गरीबों को अपना आवास देने के लिए बसपा सरकार में कांशीराम शहरी आवास योजना शुरू की गई थी। जिले में छह स्थानों पर कांशीराम कालोनियों का निर्माण कराया गया था। इसमें पुरानी जेल के सामने और पीछे बनी कालोनी तथा चक गोरया और जाफरपुर में बनी कालोनी में आवासों का आवंटन हो चुका था। इसके बाद भी चकगोरया कालोनी में 28 और जाफरपुर में 44 आवास खाली रह गए थे। मुबारकपुर के गजड़हा और मेंहनगर के देवरिया में बनी कांशीराम कालोनी हैंडओवर न होने के कारण अभी यहां के आवासों का आवंटन नहीं हुआ था। गजड़हा में 460 और देवरिया में 240 आवास बनाए गए हैं। डूडा की ओर से अब खाली पड़े आवासों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से भी इसकी अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही गरीबों को आवास आवंटित करने कि प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की माने तो आवास आवंटन में निराश्रित विकलांग और विधवाओं को वरीयता दी जाएगी। विकलांगों को ग्राउंड फ्लोर पर ही आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा शासन के निर्देशानुसार कोटे के आधार आवास का आवंटन किया जाएगा।
सात ने दिखाए प्रमाण, चार पर लटकी तलवार
आजमगढ़। कांशीराम कालोनियों के अराजक तत्वों के अड्डा बनाने और आवासों पर फर्जी तरीके से कब्जा करने की लगातार मिल रही शिकायतों पर पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी। मुबारकपुर के गजड़हा में बिना आवास आवंटन के रह रहे लोगों को पुलिस बल की सहायता से खदेड़ दिया गया था। वहीं, पुरानी जेल के सामने स्थिति कालोनी में 11 लोगों के प्रमाणपत्र न दिखाने पर डूडा की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसमें सात लोगों ने तो बाद में अपने प्रमाणपत्र दिखा दिए। लेकिन चार लोगों की ओर से अभी तक प्रमाणपत्र नहीं दिखाया गया है। डूडा की ओर से जल्द इन पर कार्रवाई की जा सकती है।
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आवास आवंटन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही कांशीराम कालोनियों में खाली पड़े आवासों को गरीबों को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है।
डॉ. महेंद्र प्रसाद, पीओ डूडा
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शहरी गरीबों को अपना आवास देने के लिए बसपा सरकार में कांशीराम शहरी आवास योजना शुरू की गई थी। जिले में छह स्थानों पर कांशीराम कालोनियों का निर्माण कराया गया था। इसमें पुरानी जेल के सामने और पीछे बनी कालोनी तथा चक गोरया और जाफरपुर में बनी कालोनी में आवासों का आवंटन हो चुका था। इसके बाद भी चकगोरया कालोनी में 28 और जाफरपुर में 44 आवास खाली रह गए थे। मुबारकपुर के गजड़हा और मेंहनगर के देवरिया में बनी कांशीराम कालोनी हैंडओवर न होने के कारण अभी यहां के आवासों का आवंटन नहीं हुआ था। गजड़हा में 460 और देवरिया में 240 आवास बनाए गए हैं। डूडा की ओर से अब खाली पड़े आवासों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से भी इसकी अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही गरीबों को आवास आवंटित करने कि प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की माने तो आवास आवंटन में निराश्रित विकलांग और विधवाओं को वरीयता दी जाएगी। विकलांगों को ग्राउंड फ्लोर पर ही आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा शासन के निर्देशानुसार कोटे के आधार आवास का आवंटन किया जाएगा।
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सात ने दिखाए प्रमाण, चार पर लटकी तलवार
आजमगढ़। कांशीराम कालोनियों के अराजक तत्वों के अड्डा बनाने और आवासों पर फर्जी तरीके से कब्जा करने की लगातार मिल रही शिकायतों पर पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी। मुबारकपुर के गजड़हा में बिना आवास आवंटन के रह रहे लोगों को पुलिस बल की सहायता से खदेड़ दिया गया था। वहीं, पुरानी जेल के सामने स्थिति कालोनी में 11 लोगों के प्रमाणपत्र न दिखाने पर डूडा की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसमें सात लोगों ने तो बाद में अपने प्रमाणपत्र दिखा दिए। लेकिन चार लोगों की ओर से अभी तक प्रमाणपत्र नहीं दिखाया गया है। डूडा की ओर से जल्द इन पर कार्रवाई की जा सकती है।
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आवास आवंटन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही कांशीराम कालोनियों में खाली पड़े आवासों को गरीबों को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है।
डॉ. महेंद्र प्रसाद, पीओ डूडा