{"_id":"5c056531bdec2241742bd824","slug":"121543857457-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले लगे फौव्वारे फांक रहे धूल, नया पर चलने लगा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले लगे फौव्वारे फांक रहे धूल, नया पर चलने लगा काम
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान शहर के चौराहों-तिराहों के चौड़ीकरण व सुंदरीकरण का कार्य कराया गया था। दर्जन भर के लगभग चौराहे व तिराहे पर पार्क का निर्माण करा कर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कुछ पार्को में फव्वारे भी लगाए गए थे, जिसमें वर्तमान में एक भी नहीं चल रहे है। वहीं नपा प्रशासन लाखों की लागत से एक और नए फव्वारा पार्क का निर्माण कराने में जुटा पड़ा है।
लखनऊ की तर्ज पर आजमगढ़ के चौराहों-तिरहों को सजाने की कवायद समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई की ओर से कराया गया था। शहर की लगभग सभी शहरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही बीच में पार्क का निर्माण करा कर उसमें फव्वारा आदि लगाने की कवायद हुई थी। उसकी दौरान नपा तिराहे पर भी चौड़ीकरण कराया गया था। इसके लिए तिराहे पर स्थापित दोनों महापुरुषों की मूर्तियों के साथ बने पार्क को भी छोटा करा दिया गया था, ताकि रास्ता चौड़ा हो सके।
नरौली चौराहा, पहलवान तिराहा, सर्फुद्दीनपुर तिराहा, रेलवे स्टेशन तिराहा, बवाली मोड़ चौराहा, करतालपुर तिराहा, भंवरनाथ चौराहा, हाफिजपुर चौराहा, लछिरामपुर चौराहा आदि का सुंदरीकरण हुआ था। इनमें से आधा दर्जन चौराहों पर आकर्षक लाइटों को लगाने के साथ ही फव्वारे भी लगाए गए थे। हर्रा की चुंगी तिराहा और चर्च चौराहे पर पहले से ही फव्वारा लगा हुआ था। इन सभी फव्वारों को लगाने में करोड़ों रुपये खर्च हुए। निर्माण के दो वर्षा में ही इनकी हालत खस्ता हाल हो गई। वर्तमान में एक भी फव्वारा नहीं चल रहा है। इन चौराहों की सुधि तो नहीं ली जा रही है, वहीं नपा प्रशासन नगर पालिका तिराहे पर 30 लाख की लागत से एक नए पार्क और फव्वारे का निर्माण शुरू करा दिया है।
विज्ञापन
एक-दूसरे पर थोपते हैं जिम्मेदारी
आजमगढ़। शहर में दो साल पहले चौराहों का सौंदर्यीकरण कराने के लिए विभिन्न व्यापारियों, अस्पताल स्वामी, संकूल संचालकों से सहयोग लिया गया था। इन लोगों ने ही पार्कों का निर्माण कराया था। निर्माण तो हो गया, लेकिन इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन संभालेगा ये आज तक नहीं तय हो पाया। पालिका अधिकारियों से पूछो तो वे चौराहे को संस्था का बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। संस्थाओं से पूछो तो उनका कहना है कि हमने प्रशासन का सहयोग कर सौंदर्यीकरण करा दिया। अब पालिका को इसके रखरखाव का जिम्मा उठाना चाहिए।
पूर्व में जिन चौराहों-तिराहों पर फव्वारे आदि लगाए गए है वह निजी संस्थाओं ने लगाए हैं। फव्वारों के काम न करने की जानकारी नहीं है। जो भी पार्क और फव्वारे नपा की ओर से स्थापित है, उन्हें त्वरित दुरुस्त करा कर संचालित कराया जाएगा। प्राइवेट संस्थाओं द्वारा निर्मित फौव्वारों के लिए संबंधित संस्थाओं से वार्ता की जाएगी। इसको संचालित करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ईओ, नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।
विज्ञापन
लखनऊ की तर्ज पर आजमगढ़ के चौराहों-तिरहों को सजाने की कवायद समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई की ओर से कराया गया था। शहर की लगभग सभी शहरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही बीच में पार्क का निर्माण करा कर उसमें फव्वारा आदि लगाने की कवायद हुई थी। उसकी दौरान नपा तिराहे पर भी चौड़ीकरण कराया गया था। इसके लिए तिराहे पर स्थापित दोनों महापुरुषों की मूर्तियों के साथ बने पार्क को भी छोटा करा दिया गया था, ताकि रास्ता चौड़ा हो सके।
विज्ञापन
नरौली चौराहा, पहलवान तिराहा, सर्फुद्दीनपुर तिराहा, रेलवे स्टेशन तिराहा, बवाली मोड़ चौराहा, करतालपुर तिराहा, भंवरनाथ चौराहा, हाफिजपुर चौराहा, लछिरामपुर चौराहा आदि का सुंदरीकरण हुआ था। इनमें से आधा दर्जन चौराहों पर आकर्षक लाइटों को लगाने के साथ ही फव्वारे भी लगाए गए थे। हर्रा की चुंगी तिराहा और चर्च चौराहे पर पहले से ही फव्वारा लगा हुआ था। इन सभी फव्वारों को लगाने में करोड़ों रुपये खर्च हुए। निर्माण के दो वर्षा में ही इनकी हालत खस्ता हाल हो गई। वर्तमान में एक भी फव्वारा नहीं चल रहा है। इन चौराहों की सुधि तो नहीं ली जा रही है, वहीं नपा प्रशासन नगर पालिका तिराहे पर 30 लाख की लागत से एक नए पार्क और फव्वारे का निर्माण शुरू करा दिया है।
विज्ञापन
एक-दूसरे पर थोपते हैं जिम्मेदारी
आजमगढ़। शहर में दो साल पहले चौराहों का सौंदर्यीकरण कराने के लिए विभिन्न व्यापारियों, अस्पताल स्वामी, संकूल संचालकों से सहयोग लिया गया था। इन लोगों ने ही पार्कों का निर्माण कराया था। निर्माण तो हो गया, लेकिन इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन संभालेगा ये आज तक नहीं तय हो पाया। पालिका अधिकारियों से पूछो तो वे चौराहे को संस्था का बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। संस्थाओं से पूछो तो उनका कहना है कि हमने प्रशासन का सहयोग कर सौंदर्यीकरण करा दिया। अब पालिका को इसके रखरखाव का जिम्मा उठाना चाहिए।
पूर्व में जिन चौराहों-तिराहों पर फव्वारे आदि लगाए गए है वह निजी संस्थाओं ने लगाए हैं। फव्वारों के काम न करने की जानकारी नहीं है। जो भी पार्क और फव्वारे नपा की ओर से स्थापित है, उन्हें त्वरित दुरुस्त करा कर संचालित कराया जाएगा। प्राइवेट संस्थाओं द्वारा निर्मित फौव्वारों के लिए संबंधित संस्थाओं से वार्ता की जाएगी। इसको संचालित करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ईओ, नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।