{"_id":"5af1e70e4f1c1b76098b8bc6","slug":"121525802766-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैठक से अनुपस्थित दो अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैठक से अनुपस्थित दो अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
Updated Tue, 08 May 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
मंडल में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के लिए मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव की अध्यक्षता में मंगलवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक से अनुपस्थित रहने पर मंडलायुक्त ने दो अधिकारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त ने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर हर हालत में पूर्ण करने का भी ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी और अनावश्यक रूप से कार्य रोक दिया जाना किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में विद्युत विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी देने के लिए कोई अधिकारी उपस्थित नहीं था इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता विद्युत को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद वाराणसी के अधिशासी अभियंता को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। जनपद बलिया के जिला कारागार में बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य विवाद के कारण काफी दिनों से रुका हुआ है। इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि 15 मई से पूर्व विवाद का हल निकाल कर कार्य दोबारा शुरू करें। आगामी सप्ताह में उनाके द्वारा उक्त निर्माण का मौके पर जाकर स्वयं निरीक्षण किया जाएगा। जो निर्माण विवाद के कारण बाधित हो रहे हैं, उस विभाग के अधिकारी संबंधित एसडीएम के साथ तत्काल मौके पर जाएं और समस्या का समाधान करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराएं। जनपद बलिया के रतसड़ में लगभग पूर्ण हो चुके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल ओपीडी शुरू कराने का अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने 50 लाख और उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जो भी धनराशि मिल गई है उसके सापेक्ष कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाएं। यदि धनराशि की उपलब्धता के बावजूद अनावश्यक रूप से कार्य रोका जाता है या लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति नहीं पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आजमगढ़ में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरवां के लिए पूरा पैसा मिलने के बाद भी कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा कार्य धीमी गति से कार्य करने पर नाराजगी जताई और विद्यालय का निर्माण अगस्त तक हर हालत में पूरा कर हैंडओवर करें। सेतु निगम द्वारा आजमगढ़ में तीन कार्य सिधारी हाईडिल के पास ओवर ब्रिज, हरबंशपुर में पुल निर्माण और घाघरा नदी पर 1276 मीटर के पुल का निर्माण कराया जाना है। सेतु निगम द्वारा अवगत कराया गया कि ओवर ब्रिज और हरबंशपुर के पुल का कार्य अक्टूबर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जबकि घाघरा नदी के पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। मऊ में सीएचसी रानीपुर के धनराशि पूरी मिलने के बाद कार्य धीमा मिलने पर मंडलायुक्त ने दो सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से कार्य पूर्ण कराने का उप्र समाज कल्याण निगम को निर्देश दिया। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड मऊ को निर्देश दिया कि रिंग बांध पर जो भी कार्य कराया जाना है उसके लिए शासन से तत्काल बजट की मांग कर कार्य बरसात से पहले ही पूर्ण कराएं। निर्माणाधीन सीएचसी देवगॉंव के संबंध में मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य भवन का निर्माण पहले पूर्ण करने के बाद आवासीय भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।इस मौके पर संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चंद्र वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, सहायक निदेशक पशुपालन डा. जीसी द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा, डीडीसी मंडी परिषद गिरधारी लाल आदि उपस्थित थे।
- अंबुज राय
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर हर हालत में पूर्ण करने का भी ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी और अनावश्यक रूप से कार्य रोक दिया जाना किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में विद्युत विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी देने के लिए कोई अधिकारी उपस्थित नहीं था इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता विद्युत को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद वाराणसी के अधिशासी अभियंता को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। जनपद बलिया के जिला कारागार में बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य विवाद के कारण काफी दिनों से रुका हुआ है। इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि 15 मई से पूर्व विवाद का हल निकाल कर कार्य दोबारा शुरू करें। आगामी सप्ताह में उनाके द्वारा उक्त निर्माण का मौके पर जाकर स्वयं निरीक्षण किया जाएगा। जो निर्माण विवाद के कारण बाधित हो रहे हैं, उस विभाग के अधिकारी संबंधित एसडीएम के साथ तत्काल मौके पर जाएं और समस्या का समाधान करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराएं। जनपद बलिया के रतसड़ में लगभग पूर्ण हो चुके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल ओपीडी शुरू कराने का अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने 50 लाख और उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जो भी धनराशि मिल गई है उसके सापेक्ष कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाएं। यदि धनराशि की उपलब्धता के बावजूद अनावश्यक रूप से कार्य रोका जाता है या लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति नहीं पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आजमगढ़ में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरवां के लिए पूरा पैसा मिलने के बाद भी कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा कार्य धीमी गति से कार्य करने पर नाराजगी जताई और विद्यालय का निर्माण अगस्त तक हर हालत में पूरा कर हैंडओवर करें। सेतु निगम द्वारा आजमगढ़ में तीन कार्य सिधारी हाईडिल के पास ओवर ब्रिज, हरबंशपुर में पुल निर्माण और घाघरा नदी पर 1276 मीटर के पुल का निर्माण कराया जाना है। सेतु निगम द्वारा अवगत कराया गया कि ओवर ब्रिज और हरबंशपुर के पुल का कार्य अक्टूबर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जबकि घाघरा नदी के पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। मऊ में सीएचसी रानीपुर के धनराशि पूरी मिलने के बाद कार्य धीमा मिलने पर मंडलायुक्त ने दो सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से कार्य पूर्ण कराने का उप्र समाज कल्याण निगम को निर्देश दिया। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड मऊ को निर्देश दिया कि रिंग बांध पर जो भी कार्य कराया जाना है उसके लिए शासन से तत्काल बजट की मांग कर कार्य बरसात से पहले ही पूर्ण कराएं। निर्माणाधीन सीएचसी देवगॉंव के संबंध में मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य भवन का निर्माण पहले पूर्ण करने के बाद आवासीय भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।इस मौके पर संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चंद्र वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, सहायक निदेशक पशुपालन डा. जीसी द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा, डीडीसी मंडी परिषद गिरधारी लाल आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
- अंबुज राय