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आंधी-बारिश के बाद बिजली ने बढ़ाई परेशानी
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:24 PM IST
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अमिलो। ग्रामीण अंचलों में किसान फसलों की बरबादी को लेकर अभी उबर नहीं पाए हैं कि बिजली विभाग के सितम ने उनकी मुश्किलों में इजाफा कर दिया है। किसान नुकसान की भरपाई को लेकर चितिंत हैं। बिजली की मनमानी कटौती से उनमें आक्रोश है। विद्युत वितरण उपकेन्द्र मुबारकपुर के नेवादा फीडर से गुजरपार, डिलिया, पाही, सोनपार, टुटुन मोड़, सोनवार, ढकवा, पियरोपुर आदि गांवों में आपूर्ति होती है। इन गांवों में आंधी और बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं। अब बिजली 24 घंटे में पांच-छह घंटे मिल पा रही है। कुछ किसान कृषि का कार्य बिजली के सहारे ही करते हैं। मड़ाई का कार्य बाधित है। विद्युत अभियंता ग्रामीण यदुवेश राय नो बताया कि शरारती तत्व तार को आपस में टकरा दे रहे हैं। इससे आपूर्ति बाधित हो रही है। किसान विद्या चौरसिया, प्रशांत कुमार, मन्जर वेग, अफजाल अहमद, शमीम अहमदॉ ,आदि कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी किसानों को समय पर बिजली की आपूर्ति नहीं करते हैं। बिजली नहीं मिली तो आन्दोलन करने को विवश होंगे।
आंधी और बारिश से किसान मायूस
बूढनपुर। तहसील क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर लगभग 12 बजे एक फिर आंधी बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। इस बारिश से किसान मायूस हो गए है। क्षेत्र के किसान लालजी पांडेय ने कहा कि मेरी एक बीघा गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है। जो खेत में पड़ी है और दो बार बारिस में भीग चुकी है। आज की बारिश उसे नष्ट कर देगी। पारस वर्मा ने कहा कि मेरा चना भीग चुका है। वह भी नष्ट हो जाएगा। प्रभात पांडेय ने कहा कि मेरी अरहर की फसल भीग गई है। राम अचल सिंह ने कहा कि मेरा जौ खेत में पड़ा है। अगर यही हाल रहा तो पकी फसल खेत में रह जाएगी। ब्यूरो
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आंधी और बारिश से किसान मायूस
बूढनपुर। तहसील क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर लगभग 12 बजे एक फिर आंधी बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। इस बारिश से किसान मायूस हो गए है। क्षेत्र के किसान लालजी पांडेय ने कहा कि मेरी एक बीघा गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है। जो खेत में पड़ी है और दो बार बारिस में भीग चुकी है। आज की बारिश उसे नष्ट कर देगी। पारस वर्मा ने कहा कि मेरा चना भीग चुका है। वह भी नष्ट हो जाएगा। प्रभात पांडेय ने कहा कि मेरी अरहर की फसल भीग गई है। राम अचल सिंह ने कहा कि मेरा जौ खेत में पड़ा है। अगर यही हाल रहा तो पकी फसल खेत में रह जाएगी। ब्यूरो
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