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दो वर्षों में नहीं बन सके दो सौ आंगनबाड़ी केंद्र
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:36 PM IST
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आजमगढ़। वर्ष 2016-17 में जिले में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का निर्णय लिया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत को सौंपी गई। लेकिन अभी तक दोनों के द्वारा सिर्फ चार आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण ही पूरा किया जा सका है। कार्य की धीमी प्रगति को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी और उचित कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। जहां से ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब लोगों के बच्चों शिक्षित करने के साथ ही उनमें पोषाहार का वितरण किया जाता है। साथ ही समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच भी की जाती है। आंगनबाड़ी केंद्रों की कमी को देखते हुए वर्ष 2016-17 में जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का निर्णय लिया गया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पहले तो पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई। लेकिन बाद इसे ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के अधीन कर दिया गया। लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी दोनों मिलकर अब तक इन केंद्रों का निर्माण नहीं कर सके हैं। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को अवगत कराया और उनसे दोनों को निर्माण जल्द पूरा करने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया। इस पर जिलाधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत को सौंपा गया था। लेकिन अब तक इनके द्वारा मात्र चार केंद्रों के निर्माण को ही पूरा किया जा सका है। 159 निर्माण ऐसे हैं जो प्लिंथ स्तर तक, 14 लिंटर स्तर तक और 23 निर्माण छत के स्तर तक पहुंचे हैं। निर्माण की प्रगति काफी धीमी है जिसके लिए आज जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। -पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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ग्रामीण क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। जहां से ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब लोगों के बच्चों शिक्षित करने के साथ ही उनमें पोषाहार का वितरण किया जाता है। साथ ही समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच भी की जाती है। आंगनबाड़ी केंद्रों की कमी को देखते हुए वर्ष 2016-17 में जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का निर्णय लिया गया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पहले तो पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई। लेकिन बाद इसे ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के अधीन कर दिया गया। लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी दोनों मिलकर अब तक इन केंद्रों का निर्माण नहीं कर सके हैं। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को अवगत कराया और उनसे दोनों को निर्माण जल्द पूरा करने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया। इस पर जिलाधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत को सौंपा गया था। लेकिन अब तक इनके द्वारा मात्र चार केंद्रों के निर्माण को ही पूरा किया जा सका है। 159 निर्माण ऐसे हैं जो प्लिंथ स्तर तक, 14 लिंटर स्तर तक और 23 निर्माण छत के स्तर तक पहुंचे हैं। निर्माण की प्रगति काफी धीमी है जिसके लिए आज जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। -पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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