{"_id":"5a3bf4c04f1c1bf4688c2aab","slug":"121513878720-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शबरी संकल्प योजना के लिए आयोजित हुआ प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शबरी संकल्प योजना के लिए आयोजित हुआ प्रशिक्षण
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। शबरी संकल्प योजना के तहत गुरुवार को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने कहा कि शबरी संकल्प योजना उप्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे प्रदेश के 39 जनपदों में अभी लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत समस्त विभागों को एक मंच पर आकर लाभार्थियों और कुपोषित बच्चों के माता-पिता को बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, खाद्व और रसद विभाग की योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभांवित किया जाना है। इस योजना के सफल संचालन के लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह अधिकारी अपने ब्लाक पर ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 0-3 वर्ष के बच्चों में दिसंबर 2018 तक दो प्रतिशत की कमी लाना है। जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए जनपद के 82 राजस्व गांवों को छह माह में कुपोषण मुक्त करना है। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वाई के राय, बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, खाद्य निरीक्षक और एक मुख्य सेविका शामिल रहीं।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने कहा कि शबरी संकल्प योजना उप्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे प्रदेश के 39 जनपदों में अभी लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत समस्त विभागों को एक मंच पर आकर लाभार्थियों और कुपोषित बच्चों के माता-पिता को बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, खाद्व और रसद विभाग की योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभांवित किया जाना है। इस योजना के सफल संचालन के लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह अधिकारी अपने ब्लाक पर ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 0-3 वर्ष के बच्चों में दिसंबर 2018 तक दो प्रतिशत की कमी लाना है। जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए जनपद के 82 राजस्व गांवों को छह माह में कुपोषण मुक्त करना है। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वाई के राय, बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, खाद्य निरीक्षक और एक मुख्य सेविका शामिल रहीं।
विज्ञापन