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चिकित्सक की कुर्सी खाली, इंतजार में बैठे रहे मरीज
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:46 PM IST
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आजमगढ़। सरकारें यह प्रयास करती हैं कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक समय से ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करें। इस संबंध में सरकार द्वारा समय-समय पर निर्देश भी जारी किया जाता है। लेकिन जिला अस्पताल में सरकार के सारे फरमान बेअसर हैं। क्योंकि 10 बजे से पहले कोई चिकित्सक अपनी ओपीडी में नहीं बैठता है। जिसका परिणाम है कि मरीजों को घंटों अस्पताल में बैठकर इंतजार करना पड़ता है।
सरकार द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए आठ बजे से दो बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। मौसम में परिवर्तन के कारण इस समय लोग अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियों से ग्रसित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जल्दी इलाज के चक्कर में लोग सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच जाते हैं । इसके बाद उन्हें नंबर लगाकर घंटों इंतजार करना पड़ता है क्योंकि जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओपीडी 10 बजे से शुरू होती है। 11 बजे जिला अस्पताल स्थित पैथालाजी में जांच बंद हो जाती है। चिकित्सक मरीजों को जांच लिखकर भेजते हैं लेकिन पैथालाजी में उनको जांच के लिए दूसरे दिन 11 बजे से पूर्व आने के लिए कह दिया जाता है। कल दोबारा आने की समस्या से मुक्ति पाने के लिए बहुत से मरीज अपनी जांच बाहर से करा लेते हैं। बुधवार को इन्हीं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अमर उजाला की टीम ने जिला चिकित्सालय की लाइव रिपोर्टिंग की। जिसमें मात्र दो चिकित्सक ही अपनी ओपीडी में मिले। बाकी सभी के केबिन खाली थे पूछने पर उनके सहायक स्टाफ का कहना था कि डाक्टर साहब राउंड पर हैं। जब वार्डों में जाकर देखा गया तो वहां भी कोई चिकित्सक राउंड करता नहीं मिला।
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सरकार द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए आठ बजे से दो बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। मौसम में परिवर्तन के कारण इस समय लोग अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियों से ग्रसित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जल्दी इलाज के चक्कर में लोग सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच जाते हैं । इसके बाद उन्हें नंबर लगाकर घंटों इंतजार करना पड़ता है क्योंकि जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओपीडी 10 बजे से शुरू होती है। 11 बजे जिला अस्पताल स्थित पैथालाजी में जांच बंद हो जाती है। चिकित्सक मरीजों को जांच लिखकर भेजते हैं लेकिन पैथालाजी में उनको जांच के लिए दूसरे दिन 11 बजे से पूर्व आने के लिए कह दिया जाता है। कल दोबारा आने की समस्या से मुक्ति पाने के लिए बहुत से मरीज अपनी जांच बाहर से करा लेते हैं। बुधवार को इन्हीं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अमर उजाला की टीम ने जिला चिकित्सालय की लाइव रिपोर्टिंग की। जिसमें मात्र दो चिकित्सक ही अपनी ओपीडी में मिले। बाकी सभी के केबिन खाली थे पूछने पर उनके सहायक स्टाफ का कहना था कि डाक्टर साहब राउंड पर हैं। जब वार्डों में जाकर देखा गया तो वहां भी कोई चिकित्सक राउंड करता नहीं मिला।
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