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Azamgarh News: ऑटो में पांच की जगह बैठा रहे 12 स्कूली बच्चे
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आजमगढ़। स्कूल खुलते ही मासूमों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ शुरू हो गया है। स्कूली बच्चे निजी वाहनों से ढोए जा रहे हैं। ऑटो में पांच की जगह 10 से 12 बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। कई वाहन अनफिट होने के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे है। इन वाहनों पर कार्रवाई न होने से बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला जा रहा है।
प्रदेश के किसी भी जिले में यदि कोई घटना घटती है तो प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ जाती है। कुछ दिन तक सब कुछ सख्ती से चलता है। इसके बाद फिर से उसी रास्ते पर चलने लगते हैं। इसकी बानगी जिले में भी देखने को मिलती है। अभी हालही में ऑटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही थी। जैसे ही समय गुजरा फिर जस का तस हो गया। इसकी बानगी शहर की सड़कों पर देखने को मिल रही है। बच्चों को ढोने वाले कितने वाहन हैं इसका विभाग के पास कोई डाटा नहीं है। बच्चों को सांसत में डालकर उन्हें ऑटो में ढोया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी उदासीन बने हुए हैं।
विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभिभावकों को भी चाहिए कि ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल न भेजें। शिकायत मिलने पर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।-अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़।
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प्रदेश के किसी भी जिले में यदि कोई घटना घटती है तो प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ जाती है। कुछ दिन तक सब कुछ सख्ती से चलता है। इसके बाद फिर से उसी रास्ते पर चलने लगते हैं। इसकी बानगी जिले में भी देखने को मिलती है। अभी हालही में ऑटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही थी। जैसे ही समय गुजरा फिर जस का तस हो गया। इसकी बानगी शहर की सड़कों पर देखने को मिल रही है। बच्चों को ढोने वाले कितने वाहन हैं इसका विभाग के पास कोई डाटा नहीं है। बच्चों को सांसत में डालकर उन्हें ऑटो में ढोया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी उदासीन बने हुए हैं।
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विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभिभावकों को भी चाहिए कि ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल न भेजें। शिकायत मिलने पर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।-अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन आजमगढ़।
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