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अपराधियों के विरुद्ध नेता पुलिस के साथ
Updated Fri, 11 May 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय और कानून व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालित करने के लिए गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में जिले के जनप्रतिनिधि और पुलिस के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें कानून व्यवस्था में सुधार सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
एसपी रवि कुमार छवि के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने कई प्रमुख मुद्दों को उठाया। जिसमें प्रमुख रूप से सभी नेताओं ने कहा कि आपराधियों के विरुद्ध होने वाली किसी भी कार्रवाई में हम लोग पुलिस के साथ हैं। अपराधियों की कोई जात नहीं होती। वह सभी के लिए खतरा हैं। नेताओं ने कहा कि जिले मेें जमीन से जुड़ा विवाद काफी है। इसलिए इस विवाद को समाप्त करने के लिए पुलिस और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए जाना चाहिए। इसके अलावा मारपीट के मामलों में पुलिस आरोपी पक्ष को कम और पीड़ित पक्ष को ज्यादा परेशान करती है। शांतिभंग की धारा में निर्दोष होने के बावजूद दूसरे पक्ष के साथ-साथ उनका भी चालान कर दिया जाता है। ऐसे में शांति भंग की धारा में सिर्फ दोषियों का ही चालान होना चाहिए। इसके अलावा सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के किनारे बाढ़ के दौरान राहत और बचाव करने में काफी परेशानी होती है। इसलिए यहां एक पुलिस चौकी खोलना अति आवश्यक है। इसके अलावा आने वाली शिकायतों को दर्ज कर समस्याओं के निस्तारण कराने के लिए एक अलग से रजिस्टर बनाकर उसमें समस्याओं की सुनवाई से लेकर निस्तारण तक का संपूर्ण विवरण दर्ज हो और इसकी जानकारी पीड़ित को भी दी जाए। जिस पर एसपी ने सहमती जताई। इस अवसर पर भाजपा सांसद नीलम सोनकर, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष और वर्तमान विधायक सुखदेव राजभर, विधायक आलमबदी, शाहआलम उर्फ गुड्डू जमाली, नफीस अहमद, डा. संग्राम यादव, नफीस अहमद, एमएलसी राकेश यादव गुड्डू आदि लोग मौजूद रहे।
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एसपी रवि कुमार छवि के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने कई प्रमुख मुद्दों को उठाया। जिसमें प्रमुख रूप से सभी नेताओं ने कहा कि आपराधियों के विरुद्ध होने वाली किसी भी कार्रवाई में हम लोग पुलिस के साथ हैं। अपराधियों की कोई जात नहीं होती। वह सभी के लिए खतरा हैं। नेताओं ने कहा कि जिले मेें जमीन से जुड़ा विवाद काफी है। इसलिए इस विवाद को समाप्त करने के लिए पुलिस और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए जाना चाहिए। इसके अलावा मारपीट के मामलों में पुलिस आरोपी पक्ष को कम और पीड़ित पक्ष को ज्यादा परेशान करती है। शांतिभंग की धारा में निर्दोष होने के बावजूद दूसरे पक्ष के साथ-साथ उनका भी चालान कर दिया जाता है। ऐसे में शांति भंग की धारा में सिर्फ दोषियों का ही चालान होना चाहिए। इसके अलावा सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के किनारे बाढ़ के दौरान राहत और बचाव करने में काफी परेशानी होती है। इसलिए यहां एक पुलिस चौकी खोलना अति आवश्यक है। इसके अलावा आने वाली शिकायतों को दर्ज कर समस्याओं के निस्तारण कराने के लिए एक अलग से रजिस्टर बनाकर उसमें समस्याओं की सुनवाई से लेकर निस्तारण तक का संपूर्ण विवरण दर्ज हो और इसकी जानकारी पीड़ित को भी दी जाए। जिस पर एसपी ने सहमती जताई। इस अवसर पर भाजपा सांसद नीलम सोनकर, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष और वर्तमान विधायक सुखदेव राजभर, विधायक आलमबदी, शाहआलम उर्फ गुड्डू जमाली, नफीस अहमद, डा. संग्राम यादव, नफीस अहमद, एमएलसी राकेश यादव गुड्डू आदि लोग मौजूद रहे।
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