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जानलेवा बने पुल पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:06 PM IST
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अहरौला। जर्जर जानलेवा बने पुल को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिलापंचायत सदस्य त्रिलोकीनाथ के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुल पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से नए पुल के निर्माण की मांग की और न बनने की दशा में आंदोलन करने की चेतावनी दी।
शारदा सहायक खंड-32 नहर से निकले नाले पर बिसईपुर गांव के पास बना चार दशक पुराना पुल कई सालों से जर्जर है। जो कभी भी जमींदोज हो सकता है। पुल के सपोर्ट के लिए बने पावेे कई साल पहले टूट चुके हैं। पुल दोनों किनारे के सपोर्ट पर टिका है जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन से इसके पुनर्निर्माण की मांग की गई लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा दो बार पुल के आवागमन न करने की चेतावनी सहित रोक बनाया लेकिन उसे तोड़कर नया पुल नहीं बनाया। जबकि यह पुल लगभग दो दर्जन गांवो को सीधे जोड़ता है। इस पुल को 1980 के दशक मे 84 हजार की लागत से बनाया गया था। ग्रामीणों ने कहा कि इस पुल से हम को विभिन्न मार्गो पर पहुंचने में कम समय लगता है नहीं तो लगभग तीन किमी घूमकर जाना होता है। वर्तमान में पुल की हालत ऐसी है कि इससे गुजरते समय डर लगता है। अगर जल्द इसे तोड़कर नया पुल नहीं बनाया गया तो हम आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर रामकेवल, जवाहर यादव, हरि सोनकर, बलजोर, उत्तम मोदनवाल, हीरा, रामाज्ञा आदि उपस्थित थे।
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शारदा सहायक खंड-32 नहर से निकले नाले पर बिसईपुर गांव के पास बना चार दशक पुराना पुल कई सालों से जर्जर है। जो कभी भी जमींदोज हो सकता है। पुल के सपोर्ट के लिए बने पावेे कई साल पहले टूट चुके हैं। पुल दोनों किनारे के सपोर्ट पर टिका है जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन से इसके पुनर्निर्माण की मांग की गई लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा दो बार पुल के आवागमन न करने की चेतावनी सहित रोक बनाया लेकिन उसे तोड़कर नया पुल नहीं बनाया। जबकि यह पुल लगभग दो दर्जन गांवो को सीधे जोड़ता है। इस पुल को 1980 के दशक मे 84 हजार की लागत से बनाया गया था। ग्रामीणों ने कहा कि इस पुल से हम को विभिन्न मार्गो पर पहुंचने में कम समय लगता है नहीं तो लगभग तीन किमी घूमकर जाना होता है। वर्तमान में पुल की हालत ऐसी है कि इससे गुजरते समय डर लगता है। अगर जल्द इसे तोड़कर नया पुल नहीं बनाया गया तो हम आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर रामकेवल, जवाहर यादव, हरि सोनकर, बलजोर, उत्तम मोदनवाल, हीरा, रामाज्ञा आदि उपस्थित थे।
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