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रामेश्वर स्थापना पर लगे हर-हर महादेव के जयकारे
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:47 PM IST
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आजमगढ़। पुरानी कोतवाली पर श्री रामलीला कमेटी की ओर से चल रहे रामलीला के मंचन में गुरुवार की रात रामेश्वर स्थापना, रावण संवाद का मंचन किया। रामेश्वर स्थापना होते ही हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पूरा पंडाल भक्ति भाव में विभोर हो गया।
गुरुवार की रात कलाकारों ने रामेश्वर स्थापना मंचन के क्रम में समुद्र पार करने से पूर्व भगवान श्रीराम भोले भंडारी की पूजा करने के लिए शविलिंग की स्थापना करते हैं। इस दौरान लगे हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं युद्ध से पूर्व अंगद को श्रीराम को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा जाता है। इस दौरान अंगद और रावण के बीच हुए संवाद की कलाकारों ने जीवंत प्रस्तुति कर लोगों का मनमोह लिया। लक्ष्मण और मेघनाद में भयंकर युद्घ होता है। मेघनाद लक्ष्मण पर शक्ति का प्रहार का प्रहार करता है जिससे वह मूर्छित हो जाते हैं। उनके मूर्छित होते ही वानरी सेना में शोक लहर दौड़ जाती है। हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। इसके बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध करते हैं और राम द्वारा कुंभकरण का वध किया जाता है। कलाकारों के जीवंत अभिनय से वहां मौजूद लोगों द्वारा लगाए जा रहे जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
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गुरुवार की रात कलाकारों ने रामेश्वर स्थापना मंचन के क्रम में समुद्र पार करने से पूर्व भगवान श्रीराम भोले भंडारी की पूजा करने के लिए शविलिंग की स्थापना करते हैं। इस दौरान लगे हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं युद्ध से पूर्व अंगद को श्रीराम को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा जाता है। इस दौरान अंगद और रावण के बीच हुए संवाद की कलाकारों ने जीवंत प्रस्तुति कर लोगों का मनमोह लिया। लक्ष्मण और मेघनाद में भयंकर युद्घ होता है। मेघनाद लक्ष्मण पर शक्ति का प्रहार का प्रहार करता है जिससे वह मूर्छित हो जाते हैं। उनके मूर्छित होते ही वानरी सेना में शोक लहर दौड़ जाती है। हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। इसके बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध करते हैं और राम द्वारा कुंभकरण का वध किया जाता है। कलाकारों के जीवंत अभिनय से वहां मौजूद लोगों द्वारा लगाए जा रहे जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
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