{"_id":"5988aef04f1c1ba6718b480f","slug":"11502129904-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा खतरे के निशान से ऊपर पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा खतरे के निशान से ऊपर पहुंची
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में विगत दो दिनों से हो रही बढ़ोत्तरी का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। अब नदी दोनों खतरा बिंदुओं पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण लोग पानी में होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
रविवार की शाम को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.65 मीटर और डिघिया गेज पर 71.73 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार की शाम बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.92 मीटर और डिघिया गेज पर 71.03 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ गेज पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया गेज पर 70.40 मीटर है। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु से 64 सेमी और डिघिया पर 63 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। चारों तरफ से घिरे चक्की के लिए समस्या पैदा हो गई हैं। अभी तक किसी भी गांव में नाव की कोई व्यवस्था प्रशासन ने नहीं किया है। घाघरा के तटीय इलाकों में कटान जारी है। चक्की, देवारा खास राजा, मानिकपुर, साहडीह, मानिकपुर, बांका, बूढ़नपट्टी, अजगरा, मगर्वी आदि गांवों का संपर्क महुला गढ़वल बांध से टूट गया है। प्रशासन ने अभी तक किसी भी गांव को संपर्क मार्ग से जोडने के लिए नाव की कोई व्यवस्था नहीं किया है। ग्रामीण परेशान हैं तो वहीं अधिकारी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे किसानों की मदद के लिए कहीं दिख नहीं रहे हैं।
0000
तहसीलदार सगड़ी पी के राय ने बताया कि अभी नाव की कोई जरूरत नहीं है। जबकि किसानों को गांव से संपर्क मार्ग तक जाने के लिए कोई चारा नहीं बचा है। लोग पानी में कमर भर पानी में घुसकर या प्राइवेट नाव के द्वारा जरूरत के सहारे महुला गढ़वल बांध तक पहुंच रहे हैं। इन गांवों के प्रधानों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव चलाने की सरकार से मांग की है।
विज्ञापन
0000
बाढ़ खंड के कर्मचारी और अधिकारी अभी भी बंधे पर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि बाढ़ का पानी बंधे पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है। सहायक अभियंता एके जायसवाल ने बताया कि अभी किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है । जबकि विगत वर्ष टेकनपुर के पास बंधा टूट गया था तो वहीं हाजीपुर और इस्माइलपुर के पास बंधा कमजोर होने की स्थिति बनी हुई है। बंधे में सैकड़ों रैन कट बने हुए हैं।
विज्ञापन
रविवार की शाम को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.65 मीटर और डिघिया गेज पर 71.73 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार की शाम बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.92 मीटर और डिघिया गेज पर 71.03 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ गेज पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया गेज पर 70.40 मीटर है। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु से 64 सेमी और डिघिया पर 63 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। चारों तरफ से घिरे चक्की के लिए समस्या पैदा हो गई हैं। अभी तक किसी भी गांव में नाव की कोई व्यवस्था प्रशासन ने नहीं किया है। घाघरा के तटीय इलाकों में कटान जारी है। चक्की, देवारा खास राजा, मानिकपुर, साहडीह, मानिकपुर, बांका, बूढ़नपट्टी, अजगरा, मगर्वी आदि गांवों का संपर्क महुला गढ़वल बांध से टूट गया है। प्रशासन ने अभी तक किसी भी गांव को संपर्क मार्ग से जोडने के लिए नाव की कोई व्यवस्था नहीं किया है। ग्रामीण परेशान हैं तो वहीं अधिकारी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे किसानों की मदद के लिए कहीं दिख नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
0000
तहसीलदार सगड़ी पी के राय ने बताया कि अभी नाव की कोई जरूरत नहीं है। जबकि किसानों को गांव से संपर्क मार्ग तक जाने के लिए कोई चारा नहीं बचा है। लोग पानी में कमर भर पानी में घुसकर या प्राइवेट नाव के द्वारा जरूरत के सहारे महुला गढ़वल बांध तक पहुंच रहे हैं। इन गांवों के प्रधानों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव चलाने की सरकार से मांग की है।
विज्ञापन
0000
बाढ़ खंड के कर्मचारी और अधिकारी अभी भी बंधे पर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि बाढ़ का पानी बंधे पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है। सहायक अभियंता एके जायसवाल ने बताया कि अभी किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है । जबकि विगत वर्ष टेकनपुर के पास बंधा टूट गया था तो वहीं हाजीपुर और इस्माइलपुर के पास बंधा कमजोर होने की स्थिति बनी हुई है। बंधे में सैकड़ों रैन कट बने हुए हैं।