फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   रेशमी साड़ी कारोबार जीएसटी से रखा जाए बाहर

रेशमी साड़ी कारोबार जीएसटी से रखा जाए बाहर

Wed, 12 Jul 2017 11:59 PM IST
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
रेशमी साड़ी कारोबार जीएसटी से रखा जाए बाहर
मुबारकपुर। केंद्र सरकार द्वारा रेशमी साड़ी कारोबार को जीएसटी के दायरे में रखे जाने से रेशमी वस्त्र उद्योग से जुड़े व्यवसाईयों में भारी रोष है। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की है।
विज्ञापन

रेशमी वस्त्र उद्योग व्यवसायी हाजी अब्दुल मजीद अंसारी का कहना है कि रेशमी साड़ियों का उद्योग इस क्षेत्र की धरोहर है। इसे बचाना हमारा कर्तव्य है। केंद्र सरकार इस कारोबार पर जीएसटी लगाकर इसे मिटाना चाहती है। मंसूर अहमद ने कहा कि रेशमी साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे से अलग रखने से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि इस उद्योग से गरीब बुनकर और मजदूरों का गुजरा होता है। यदि इस पर जीएसटी लगता है तो कारोबार खत्म हो जाएगा। हाजी सईदुल्लाह ने बताबया कि मुबारकपुर की पहचान इसी कारोबार से है, यह कारोबार भारत ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस कारोबार पर जीएसटी लगा तो यह कारोबार दम तोड़ देगा और बुनकरों और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी। इफ्तेखार अहमद मोनीम ने सरकार द्वारा इस कारोबार पर जीएसटी लगाने की निंदा की। कहा कि रेशमी साडिय़ों के किसी भी सामान पर पूर्व की सभी सरकारों ने करमुक्त रखा, जिसका परिणाम रहा की आज यह कारोबार पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की केंद्र की सरकार इस कारोबार पर जीएसटी लगाकर इस कारोबार को बर्बाद कर देना चाहती है।
विज्ञापन


बाजार में घूमे व्यापारी, आंदोलन में मांगा सहयोग
मुबारकपुर। भारत सरकार द्वारा रेशमी वस्त्र उद्योग पर जीएसटी लागू किए जाने के विरोध में वस्त्र उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने बुधवार को तीसरे दिन भी अपना कारोबार ठप रखा। इस दौरान व्यापारियों ने बाजार में घूमकर दूकानादारों से इस आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीएसटी के विरोध में वस्त्र उद्योग व्यापार मंडल मुबारकपुर के आह्वान पर पांच दिवसीय बंदी के क्रम में बुधवार को रेशमी साड़ी के कारोबारियों ने अपनी-अपनी दूकानें बंद रखी। बंदी के चलते बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं दूसरी तरफ हथकरघा और पावरलूम बंद रहने से बुनकर मजदूर परेशान दिखे। बंदी के तीसरे दिन रेशमी वस्त्र तथा अन्य कपड़ा व्यवसाई अम्मार अदीबी, हाजी सईदुल्लाह, इफ्तेखार अहमद मोनीम, जमीर आलम, महमुद आलम सहित अन्य ने पूरे बाजार में भ्रमण कर दुकानदारों से बंदी को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान व्यापारियों ने अन्य कपड़े के दुकानदारों से भी अपनी दूकाने बंद कर आंदोलन में सहयोग मांगा। साथ ही 14 जुलाई को जीएसटी के विरोध में निकलने वाले जुलूस में कस्बे के सभी दुकानदारों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। व्यापारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो आंदोलन वृहद रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed