{"_id":"687e8d5683bbb1b4160c0284","slug":"110-security-personnel-were-removed-from-government-medical-college-without-notice-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-134686-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में बिना नोटिस दिए 110 सुरक्षा कर्मियों की हटाया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में बिना नोटिस दिए 110 सुरक्षा कर्मियों की हटाया गया
विज्ञापन
चक्रपानपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज, चक्रपानपुर में कार्यरत 110 सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया गया है। इसे लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सपा विधायक मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष और जिलाधिकारी द्वारा उन्हें नौकरी सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया गया था।
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था अब नई आउटसोर्सिंग कंपनी क्विक मेन सर्विस को सौंपी गई है। पहले जहां 466 कर्मचारी अनुबंधित थे, अब सिर्फ 356 कर्मियों को ही दोबारा रखा गया है, शेष को बिना किसी नोटिस या स्पष्ट कारण के सेवा से हटा दिया गया है।
छंटनी के शिकार कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दी थी। सुरक्षा गार्ड राम प्रसाद ने कहा कि हमने दिन-रात मेहनत की, महामारी में भी ड्यूटी की, लेकिन अब हमें बिना किसी कारण के निकाल दिया गया। सपा विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष और डीएम ने हमें भरोसा दिया था कि हमारी नौकरी बचेगी, फिर भी यह अन्याय हुआ।
विज्ञापन
भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने का लगाया आरोप
कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि नई कंपनी ने अपने तरीके से भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूर्व कर्मचारियों की अनदेखी कर बाहर के लोगों को लिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता गामा यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। भविष्य में जब भर्ती होगी तो पैसे लेकर लोगों को रखा जाएगा। इसमें कॉलेज के कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।
कोरोना में ड्यूटी करने वालों को वरीयता देने का निर्देश की अनदेखी
कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव के 2024 व 2025 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि सरकारी निर्देशों में साफ लिखा है कि कोविड के दौरान सेवा देने वाले सुरक्षा कर्मियों को वरीयता दी जाएगी। अगर नई भर्ती की जाती है तो पहले पुराने कर्मियों को समायोजित किया जाएगा लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके राव ने सभी पुराने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
हमारे जीवन और परिवार के भविष्य पर संकट
सुरक्षा कर्मियों के प्रतिनिधि अजय यादव ने कहा कि अगर प्रशासन ने इस अन्याय को नहीं रोका और पुरानी सेवाएं बहाल नहीं की गईं तो हम अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। यह हमारे जीवन और परिवार के भविष्य का सवाल और संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों की शिकायत और उनकी मांग को शासन को भेज दी गई है। शासन से आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. वीके राव, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था अब नई आउटसोर्सिंग कंपनी क्विक मेन सर्विस को सौंपी गई है। पहले जहां 466 कर्मचारी अनुबंधित थे, अब सिर्फ 356 कर्मियों को ही दोबारा रखा गया है, शेष को बिना किसी नोटिस या स्पष्ट कारण के सेवा से हटा दिया गया है।
विज्ञापन
छंटनी के शिकार कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दी थी। सुरक्षा गार्ड राम प्रसाद ने कहा कि हमने दिन-रात मेहनत की, महामारी में भी ड्यूटी की, लेकिन अब हमें बिना किसी कारण के निकाल दिया गया। सपा विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष और डीएम ने हमें भरोसा दिया था कि हमारी नौकरी बचेगी, फिर भी यह अन्याय हुआ।
विज्ञापन
भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने का लगाया आरोप
कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि नई कंपनी ने अपने तरीके से भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूर्व कर्मचारियों की अनदेखी कर बाहर के लोगों को लिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता गामा यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। भविष्य में जब भर्ती होगी तो पैसे लेकर लोगों को रखा जाएगा। इसमें कॉलेज के कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।
कोरोना में ड्यूटी करने वालों को वरीयता देने का निर्देश की अनदेखी
कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव के 2024 व 2025 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि सरकारी निर्देशों में साफ लिखा है कि कोविड के दौरान सेवा देने वाले सुरक्षा कर्मियों को वरीयता दी जाएगी। अगर नई भर्ती की जाती है तो पहले पुराने कर्मियों को समायोजित किया जाएगा लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके राव ने सभी पुराने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
हमारे जीवन और परिवार के भविष्य पर संकट
सुरक्षा कर्मियों के प्रतिनिधि अजय यादव ने कहा कि अगर प्रशासन ने इस अन्याय को नहीं रोका और पुरानी सेवाएं बहाल नहीं की गईं तो हम अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। यह हमारे जीवन और परिवार के भविष्य का सवाल और संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों की शिकायत और उनकी मांग को शासन को भेज दी गई है। शासन से आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. वीके राव, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।