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देवारा क्षेत्र की 11 बस्तियां बाढ़ के पानी से घिरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 09:53 PM IST
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11 settlements of Devara area surrounded by flood water
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने से 11 बस्तियां बाढ़ के पानी से घिर गई हैं। पांच बस्तियों में लोग नाव के सहारे आवागमन करने को विवश है। घाघरा नदी दोनों ही गेजों पर खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है।
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मंगलवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.09 मीटर दर्ज किया गया था जो बुधवार को बढ़कर 71.12 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। वहीं बदरहुआ गेज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 71.77 मीटर दर्ज किया गया था जो बुधवार को बढ़कर 71.83 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से रास्ते पानी में डूब गए हैं जिसके कारण चक्की, मानिकपुर, शाहडीह, सोनौरा, बेलहिया में नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं।
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वहीं चक्की हाजीपुर, फुलबदन का पुरवा, झंडी का पुरवा, महाबल का पुरवा, समरजीत का पुरवा, महाराज का पुरवा ,बगहवा, झगरहवा, बांका, बूढ़नपट्टी, शाहडीह मल्लाह बस्ती मैरूंड हो गए हैं।घाघरा नदी की कटान जारी है। घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे घाघरा नदी अपने तटवर्ती क्षेत्रों में पड़ने वाले गांव के अंदर कटान कर रही है जिससे देवारावासी दहशत में है। कटान के भय से अब तक लगभग दो दर्जन लोग पलायन कर चुके हैं। देवारा खास राजा के बगहवा का पुरा में घाघरा नदी कटान कर रही है। आधा दर्जन घर नदी के कटान के मुहाने पर हैं। वहीं लगभग आधा दर्जन घर घाघरा नदी के कटान के जद में आ सकते हैं। झगरहवा का पुरा, साधु का पुरा, बासु का पुरा, भीमली का पुरा आदि गांव के पास भी कटान कर रही है। आबादी के साथ-साथ खेती योग्य जमीन घाघरा नदी काटकर विलीन कर रही है।
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नहीं कराया गया छिड़काव
लाटघाट। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से दर्जनों गांव के संपर्क मार्ग डूब गए है। गांव में अभी तक ब्लीचिंग पाउडर क्लोरीन की गोली भी नहीं दी गई है। चक्की गांव के फूल बदन, छोटे लाल, उमेश यादव, राम लखन, मातबर आदि लोगों ने बताया कि चक्की हाजीपुर गांव काफी दिनों से घिरा हुआ है और अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा न तो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया और ना ही गांव में क्लोरीन की गोली बांटी गई। दूषित पानी पीने के लिए हम लोग मजबूर हैं।

बाढ़ चौकियों पर कुछ को छोड़ बाकी मिले नदारद
लाटघाट। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने महुला गढ़वल बांध पर 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। इसमें हाजीपुर बाढ़ चौकी पर पशुधन अधिकारी डॉ. रामराज यादव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग राजस्व विभाग व विकास विभाग के कर्मचारी नहीं मिले। जब की बाढ़ चौकियों पर पशु विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, विकास विभाग आदि की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन अन्य विभाग के लोग बाढ़ चौकियों पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। स्वास्थ्य की विभाग के लोग उपस्थित नहीं रहे तो वही जमुवारी बाढ़ चौकी पर केवल पुलिस ही उपस्थित रहे।
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