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वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देती है गीता
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आजमगढ़। साहित्य चेतना समाज के बैनर तले कवि गोष्ठी का आयोजन रानी की सराय स्थित पूर्वांचल पीजी कॉलेज में किया गया। साहित्यिक परिचर्चा कर गीता के महत्व पर चर्चा की। अध्यक्षता पूर्वांचल पीजी कॉलेज के संस्थापक डॉ. मातबर मिश्र ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रेल मंत्रालय के हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य हरिनारायण सिंह हरीश मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि नेशनल गीता गुरुकुल फाउंडेशन मिशिगन के संस्थापक आचार्य गोपाल शास्त्री ने कहा कि गीता पुस्तक वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है। इसे पूरे विश्व में प्रचारित किया जा रहा है। हरिनारायण सिंह हरीश ने प्रसिद्ध कर्ण रचना पढ़ कर सूर्यपुत्र के जीवन को उकेरा और लोगों को आत्मसात करने का संदेश दिया। अक्षय पांडेय ने अपने कविता पाठ से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। कुमार प्रवीण ने व्यंग्य रचना प्रस्तुत कर सभी को झकझोर दिया। पंकज मिश्र वात्स्यायन, राजनाथ यादव, डॉ. इंदु श्रीवास्तव, आरसी चौहान, अमरनाथ तिवारी, पंकज प्रखर, डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी, अनामिका सिंह पालीवाल, वन्दना शाह और डॉ. प्रतिभा सिंह ने भी रचनाएं पढ़ीं। अमरनाथ तिवारी की मौजूदगी में आजमगढ़ इकाई का गठन किया गया। संचालन डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी और हरिनारायण सिंह हरीश ने किया। प्रभाकर त्रिपाठी, दिग्विजय उपाध्याय, संगीता तिवारी, रागिनी तिवारी, माया नायर, उरुज फात्मा, बालकृष्ण, विनोद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि नेशनल गीता गुरुकुल फाउंडेशन मिशिगन के संस्थापक आचार्य गोपाल शास्त्री ने कहा कि गीता पुस्तक वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है। इसे पूरे विश्व में प्रचारित किया जा रहा है। हरिनारायण सिंह हरीश ने प्रसिद्ध कर्ण रचना पढ़ कर सूर्यपुत्र के जीवन को उकेरा और लोगों को आत्मसात करने का संदेश दिया। अक्षय पांडेय ने अपने कविता पाठ से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। कुमार प्रवीण ने व्यंग्य रचना प्रस्तुत कर सभी को झकझोर दिया। पंकज मिश्र वात्स्यायन, राजनाथ यादव, डॉ. इंदु श्रीवास्तव, आरसी चौहान, अमरनाथ तिवारी, पंकज प्रखर, डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी, अनामिका सिंह पालीवाल, वन्दना शाह और डॉ. प्रतिभा सिंह ने भी रचनाएं पढ़ीं। अमरनाथ तिवारी की मौजूदगी में आजमगढ़ इकाई का गठन किया गया। संचालन डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी और हरिनारायण सिंह हरीश ने किया। प्रभाकर त्रिपाठी, दिग्विजय उपाध्याय, संगीता तिवारी, रागिनी तिवारी, माया नायर, उरुज फात्मा, बालकृष्ण, विनोद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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