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मंडल में नहीं बढने दिया जाएगा अपराध
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आजमगढ़। नवागत डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने गुरुवार को पत्रकारों में भरोसा दिया कि पुलिस रिकार्ड में जितने भी बदमाश या गैंग के लीडर हैं, उनकी संख्या अगर कम नहीं हुई तो उसे बढ़ने भी नहीं दिया जाएगा। मंडल के तीनों जिलों की पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए आमजन को राहत और न्याय दिलाने का पूरा प्रयास करेगी।
डीआईजी आजमगढ़ मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि मंडल के आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले के एसपी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में आमजन को राहत पहुंचाने के लिए जो भी बेहतर प्रयास या अभियान शुरू किया है, वह सभी चलती रहेंगी। डीआईजी ने बताया कि खासतौर से जेल के भीतर से संचालित होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे ध्वस्त करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अवैध शराब बनाकर बेचने वालों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के सवाल का जवाब देते हुए डीआईजी ने कहा कि जल्द ही ऐसे प्रमुख स्थानों का चयन कर वहां बोर्ड लगाने के अलावा स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के लोगों की तैनाती की जाएगी। डीआईजी ने कहा कि जगह-जगह वाहनों के ठहराव के लिए उचित स्थान बनाया जाएगा। ताकि किसी को साधन पकड़ने में कोई परेशानी न हो। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे मनोज कुमार तिवारी इससे पहले औरैया, झांसी, सहारनपुर, मुरादाबाद, चित्रकूट आदि जिला और मंडलों में प्रमुख पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान एसटीएफ के एसपी और एक माह के लिए डीआईजी जेल मेरठ के भी पद पर रह चुके हैं।
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डीआईजी आजमगढ़ मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि मंडल के आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले के एसपी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में आमजन को राहत पहुंचाने के लिए जो भी बेहतर प्रयास या अभियान शुरू किया है, वह सभी चलती रहेंगी। डीआईजी ने बताया कि खासतौर से जेल के भीतर से संचालित होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे ध्वस्त करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अवैध शराब बनाकर बेचने वालों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के सवाल का जवाब देते हुए डीआईजी ने कहा कि जल्द ही ऐसे प्रमुख स्थानों का चयन कर वहां बोर्ड लगाने के अलावा स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के लोगों की तैनाती की जाएगी। डीआईजी ने कहा कि जगह-जगह वाहनों के ठहराव के लिए उचित स्थान बनाया जाएगा। ताकि किसी को साधन पकड़ने में कोई परेशानी न हो। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे मनोज कुमार तिवारी इससे पहले औरैया, झांसी, सहारनपुर, मुरादाबाद, चित्रकूट आदि जिला और मंडलों में प्रमुख पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान एसटीएफ के एसपी और एक माह के लिए डीआईजी जेल मेरठ के भी पद पर रह चुके हैं।
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