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संशोधन के चक्कर में परीक्षा से वंचित हुए दो परीक्षार्थी
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आजमगढ़। ऑन लाइन-ऑफ लाइन संशोधन के चक्कर में इंटरमीडिएट के दो परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित कर दिए गए, जबकि बोर्ड का यह स्पष्ट आदेश है कि संशोघन के किसी भी मामले में परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी ऐसा जिले के एक परीक्षा केंद्र पर हुआ और दो परीक्षार्थियों का भविष्य ही दांव पर लग गया। यह अलग बात है कि जिम्मेदार कौन है, यह जांच का विषय है।
अतरौलिया क्षेत्र स्थित राम अवतार इंटर कालेज गोईजी के परीक्षार्थियों का सेंटर मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज अतरैठ पर सेंटर आया हुआ था। गोईजी के सात परीक्षार्थियों का ऑनलाइन-आफलाइन विषयों में संशोधन हुआ था। जिसमें दो परीक्षार्थियों संदीप गोंड व विपुल कुमार का विज्ञान वर्ग से कला वर्ग में संशोधन हुआ था और इन्हें इंटरमीडिएट शिक्षाशास्त्र की परीक्षा देनी थी। दो दिनों पूर्व इस संशोधन को लेकर डीआईओएस कार्यालय पर माथापच्ची भी हुई थी। जिसके बाद मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज के केंद्र व्यवस्थापिका को परीक्षा कराने का निर्देश भी हुआ था। गुरुवार को शाम की पाली में जब ये दोनों बच्चें परीक्षा देने पहुंचे तो इन्हें परीक्षा से यह कहते हुए वंचित कर दिया गया कि हमारे पास संशोधन की कोई सूचना नहीं है। डीआईओएस कार्यालय से लिखवा कर लाए तो हम परीक्षा में बैठने देंगे। जबकि दो दिनों पूर्व डीआईओएस कार्यालय पर हुए वार्ता में विद्यालय के प्रबंधक प्रदीप सोनी ने परीक्षा कराने का आश्वासन भी गोइजी विद्यालय के प्रबंधक सुधीर कुमार को दिया था। इसके बाद भी केंद्र व्यवस्थापिका रीता मिश्रा द्वारा दोनों बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जिससे दोनों बच्चों का एक साल खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
विद्यालय के सात बच्चों ने परीक्षा फार्म में विज्ञान विषय भर दिया था, जिसका ऑन लाइन व ऑफ लाइन संशोधन कराया गया था। संशोधन की सूची डीआईओएस कार्यालय के साथ ही परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक को भी उपलब्ध करा दिया गया था। डीआईओएस ने इस बाबत स्पष्ट आदेश भी दिया था। दो बच्चों की गुरुवारको परीक्षा थी लेकिन केंद्र व्यवस्थापिका ने उन्हें परीक्षा नहीं देने दिया।
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सुधीर कुमार, प्रबंधक रामअवतार इंटर कालेज गोइजी अतरौलिया।
संशोधन को लेकर हमारे अधिकार सीमित है। हम विषयों में तो संसोधन कर सकते है लेकिन दो बच्चें परीक्षा नहीं दे पाए उनका पूरा पूरा ग्रुप ही बदलना था। यहीं कारण है कि हम उन्हें परीक्षा में नहीं बैठा सके। वहीं उच्चाधिकारियों का कोई लिखित आदेश भी हमें नहीं मिला था। यदि मिला होता तो निश्चित तौर पर बच्चों को परीक्षा दिलाया जाता।
रीता मिश्रा, केंद्र व्यवस्थापिका, मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज, अतरैठ
ऑनलाइन-ऑफलाइन संशोधन पर किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता है। संशोधन के मामले में दो बच्चों को परीक्षा से वंचित किए जाने का प्रकरण संज्ञान में आया है, जिसकी जांच करा कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।
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अतरौलिया क्षेत्र स्थित राम अवतार इंटर कालेज गोईजी के परीक्षार्थियों का सेंटर मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज अतरैठ पर सेंटर आया हुआ था। गोईजी के सात परीक्षार्थियों का ऑनलाइन-आफलाइन विषयों में संशोधन हुआ था। जिसमें दो परीक्षार्थियों संदीप गोंड व विपुल कुमार का विज्ञान वर्ग से कला वर्ग में संशोधन हुआ था और इन्हें इंटरमीडिएट शिक्षाशास्त्र की परीक्षा देनी थी। दो दिनों पूर्व इस संशोधन को लेकर डीआईओएस कार्यालय पर माथापच्ची भी हुई थी। जिसके बाद मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज के केंद्र व्यवस्थापिका को परीक्षा कराने का निर्देश भी हुआ था। गुरुवार को शाम की पाली में जब ये दोनों बच्चें परीक्षा देने पहुंचे तो इन्हें परीक्षा से यह कहते हुए वंचित कर दिया गया कि हमारे पास संशोधन की कोई सूचना नहीं है। डीआईओएस कार्यालय से लिखवा कर लाए तो हम परीक्षा में बैठने देंगे। जबकि दो दिनों पूर्व डीआईओएस कार्यालय पर हुए वार्ता में विद्यालय के प्रबंधक प्रदीप सोनी ने परीक्षा कराने का आश्वासन भी गोइजी विद्यालय के प्रबंधक सुधीर कुमार को दिया था। इसके बाद भी केंद्र व्यवस्थापिका रीता मिश्रा द्वारा दोनों बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जिससे दोनों बच्चों का एक साल खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
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विद्यालय के सात बच्चों ने परीक्षा फार्म में विज्ञान विषय भर दिया था, जिसका ऑन लाइन व ऑफ लाइन संशोधन कराया गया था। संशोधन की सूची डीआईओएस कार्यालय के साथ ही परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक को भी उपलब्ध करा दिया गया था। डीआईओएस ने इस बाबत स्पष्ट आदेश भी दिया था। दो बच्चों की गुरुवारको परीक्षा थी लेकिन केंद्र व्यवस्थापिका ने उन्हें परीक्षा नहीं देने दिया।
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सुधीर कुमार, प्रबंधक रामअवतार इंटर कालेज गोइजी अतरौलिया।
संशोधन को लेकर हमारे अधिकार सीमित है। हम विषयों में तो संसोधन कर सकते है लेकिन दो बच्चें परीक्षा नहीं दे पाए उनका पूरा पूरा ग्रुप ही बदलना था। यहीं कारण है कि हम उन्हें परीक्षा में नहीं बैठा सके। वहीं उच्चाधिकारियों का कोई लिखित आदेश भी हमें नहीं मिला था। यदि मिला होता तो निश्चित तौर पर बच्चों को परीक्षा दिलाया जाता।
रीता मिश्रा, केंद्र व्यवस्थापिका, मां दुर्गा बालिका इंटर कालेज, अतरैठ
ऑनलाइन-ऑफलाइन संशोधन पर किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता है। संशोधन के मामले में दो बच्चों को परीक्षा से वंचित किए जाने का प्रकरण संज्ञान में आया है, जिसकी जांच करा कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।