{"_id":"5bd9fde6bdec22699072c517","slug":"101541012966-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक और प्रधानाध्यापक पर गिरी गाज, हुआ निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक और प्रधानाध्यापक पर गिरी गाज, हुआ निलंबित
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। बेसिक शिक्षाधिकारी ने बुधवार को एक और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। करवा चौथ के दिन विद्यालय न खुला होने पर यह कार्रवाई की गई है। बीएसए के ताबड़तोड़ कार्रवाई से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। बीते 27 अक्तूबर को करवा चौथ था। इस दिन बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर बंद था। इसकी शिकायत किसी ग्रामीण ने बेसिक शिक्षाधिकारी से किया। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने बंद विद्यालय की फोटो भी उन्हें मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया। इस पर बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी अजमतगढ़ दीनानाथ साहनी को विद्यालय पर भेज कर चेक कराया। खंड शिक्षाधिकारी के पहुंचने पर भी विद्यालय बंद था। विद्यालय पर तैनात प्रधानाध्यापक इंद्र प्रताप यादव भी विद्यालय नहीं पहुंचे थे। अन्य शिक्षक महिलाएं थी तो उनका उस दिन करवाचौथ पर अवकाश था। खंड शिक्षाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट बना कर बीएसए को प्रेषित कर दिया। जिस पर बीएसए ने पाया कि प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारियों व विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। जिसके चलते बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए मुख्यालय से अटैच कर दिया। इसके साथ ही बीएसए ने आगे की जांच कर पंद्रह दिनों में अपनी रिपोर्ट देने का खंड शिक्षाधिकारी को निर्देश दिया है। उक्त रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार्यों के प्रति लापरवाही के चलते यह कार्रवाई की गई है। सभी शिक्षक व प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारी को समझे और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करें। अन्यथा की स्थिति में जो भी शिक्षा व्यवस्था में बाधक बनता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।
विज्ञापन
कार्यों के प्रति लापरवाही के चलते यह कार्रवाई की गई है। सभी शिक्षक व प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारी को समझे और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करें। अन्यथा की स्थिति में जो भी शिक्षा व्यवस्था में बाधक बनता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।