{"_id":"5b79b47b42c79246494d2abd","slug":"101534702715-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीमी पड़ी घाघरा के बढने की रफ्तार, कटान में आयी तेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धीमी पड़ी घाघरा के बढने की रफ्तार, कटान में आयी तेजी
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:48 PM IST
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लाटघाट। देवारा में घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम अभी जारी है लेकिन बढ़ने की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, जिसके चलते कटान की रफ्तार में तेजी आ गयी है। बीते 24 घंटे में बदरहुआ नाले पर छह सेमी और डिघिया गेज पर पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा के जलस्तर में शुरू हुई वृद्धि का क्रम अभी रुका नहीं है, लेकिन रफ्तार में कमी जरूर आ गयी है। रविवार को नदी डिघिया नाला गेज पर लाल निशान से 122 सेमी और बदरहुआ नाला गेज पर 78 सेमी ऊपर बह रही थी। बदरहुआ पर 6 सेमी और डिघिया पर 5 सेमी जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार जैसे-जैसे धीमी हो रही है, वैसे-वैसे कटान की रफ्तार बढ़ती जा रही है। महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के सेमरी गांव, हरैया ब्लाक के देवारा खास राजा में कटान की रफ्तार काफी तेज हो गई है। जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते अब बंधे पर भी लहरों का दबाव बढ़ गया है। इसके चलते रविवार को अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, सहायक अभियंता विजय प्रकाश जायसवाल ने बंधे का निरीक्षण किया। अधिकारियों की माने तो बंधे को अभी कोई खतरा नहीं है और सभी रेगुलेटरों की मरम्मत कर दी गई है। इसके साथ ही अब कहीं से भी रिसाव नहीं हो रहा है।
123 ग्रामों के मार्गों का बांधे से टूटा संपर्क
लाटघाट। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से कई संपर्क मार्गो पर पानी भर गया है। जिसके चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 123 ग्रामों का महुला गढ़वल बांध से संपर्क टूट गया है। एक मात्र नाव ही बाढ़ से घिरे गांव में रह रहे लोगों के आवागमन का सहारा है। तहसील प्रशासन धीरे-धीरे नावों की संख्या में वृद्धि कर रहा है। अब तक 38 नाव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगाए जा चुके हैं। वहीं, देवारा खास राजा के प्रधान पल्टन यादव ने एक बड़ी नाव की व्यवस्था कर रखे है। जिस पर एक साथ 70 से 75 आदमी सवार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी नाव की व्यवस्था पशु और सामानों को लाने ले जाने के लिए किया गया है।
कटान पीड़ितों को नहीं मुहैया हुई कोई सुविधा
लाटघाट। देवारा खास राजा के त्रिलोक का पुरवा में हुई कटान से 18 परिवार विस्थापित हुए हैं। इन परिवारों को अब तक तहसील प्रशासन कोई सुविधा नहीं उपलब्ध करा सका है। कटान के चलते विस्थापित हुए रामजनम, श्यामधारी, बीरबल, राजेंद्र, श्रवन, संजय, लालचंद, चांदनी, रामलखन, लाल बहादुर, राम प्रकाश, साधू, राजेंद्र, निवास, रामरक्षा, मुंशीलाल, फूलबदन, भालचंद आदि ग्राम प्रधान द्वारा दी गई जमीन पर मड़ई डाल कर 10 दिनों से रह रहे है। इन्हें अब तक न तो राहत सामग्री ही दी गई है न ही कोई अन्य सुविधा ही तहसील प्रशासन उपलब्ध कराया है।
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123 ग्रामों के मार्गों का बांधे से टूटा संपर्क
लाटघाट। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से कई संपर्क मार्गो पर पानी भर गया है। जिसके चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 123 ग्रामों का महुला गढ़वल बांध से संपर्क टूट गया है। एक मात्र नाव ही बाढ़ से घिरे गांव में रह रहे लोगों के आवागमन का सहारा है। तहसील प्रशासन धीरे-धीरे नावों की संख्या में वृद्धि कर रहा है। अब तक 38 नाव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगाए जा चुके हैं। वहीं, देवारा खास राजा के प्रधान पल्टन यादव ने एक बड़ी नाव की व्यवस्था कर रखे है। जिस पर एक साथ 70 से 75 आदमी सवार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी नाव की व्यवस्था पशु और सामानों को लाने ले जाने के लिए किया गया है।
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कटान पीड़ितों को नहीं मुहैया हुई कोई सुविधा
लाटघाट। देवारा खास राजा के त्रिलोक का पुरवा में हुई कटान से 18 परिवार विस्थापित हुए हैं। इन परिवारों को अब तक तहसील प्रशासन कोई सुविधा नहीं उपलब्ध करा सका है। कटान के चलते विस्थापित हुए रामजनम, श्यामधारी, बीरबल, राजेंद्र, श्रवन, संजय, लालचंद, चांदनी, रामलखन, लाल बहादुर, राम प्रकाश, साधू, राजेंद्र, निवास, रामरक्षा, मुंशीलाल, फूलबदन, भालचंद आदि ग्राम प्रधान द्वारा दी गई जमीन पर मड़ई डाल कर 10 दिनों से रह रहे है। इन्हें अब तक न तो राहत सामग्री ही दी गई है न ही कोई अन्य सुविधा ही तहसील प्रशासन उपलब्ध कराया है।
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