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निजीकरण के विरोध में उतरे पूर्वमंत्री व विधायक
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। जिले के पूर्व मंत्री समेत तीन विधायकों ने पांच महानगरों के बिजली व्यवस्था के निजीकरण के शासन के फैलने का विरोध किया है। इन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर निर्णय वास लिये जाने और बिजली व्यवस्था का संचालन पूर्व की भांति सरकारी व्यवस्था के ही तहत कराये जाने की मांग की है।
प्रदेश सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ और मुरादाबाद में बिजली व्यवस्था प्राइवेट हाथो में सौपने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारी और अधिकारी आंदोलित है। जिले में भी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन चल रहा है। बिजली व्यवस्था के प्राइवेट किये जाने के निर्णय के खिलाफ अब जिले के तीन विधायक भी खड़े हो गए है। आजमगढ़ सदर सीट से विधायक और पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक आलमबदी आजमी और विधायक नफीस अहमद ने बिजली कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान उनके आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा किया। इसके साथ ही इन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर बिजली व्यवस्था को प्राइवेट हाथों में सौंपे जाने के निर्णय को स्थगित करने की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि निजी हाथो में बिजली व्यवस्था जाने के उपभोक्ताओं का अहित होगा। वहीं प्राइवेट कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ मनमानी करने लगेंगी।
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प्रदेश सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ और मुरादाबाद में बिजली व्यवस्था प्राइवेट हाथो में सौपने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारी और अधिकारी आंदोलित है। जिले में भी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन चल रहा है। बिजली व्यवस्था के प्राइवेट किये जाने के निर्णय के खिलाफ अब जिले के तीन विधायक भी खड़े हो गए है। आजमगढ़ सदर सीट से विधायक और पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक आलमबदी आजमी और विधायक नफीस अहमद ने बिजली कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान उनके आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा किया। इसके साथ ही इन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर बिजली व्यवस्था को प्राइवेट हाथों में सौंपे जाने के निर्णय को स्थगित करने की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि निजी हाथो में बिजली व्यवस्था जाने के उपभोक्ताओं का अहित होगा। वहीं प्राइवेट कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ मनमानी करने लगेंगी।
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