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कोटवां से मोदम्मदपुर तक जाम से जूझते रहे यात्री
Updated Wed, 04 Oct 2017 12:19 AM IST
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रानी की सराय। कस्बे में सोमवार को लगे दशहरा मेले के दौरान लगाई गई बल्लियां और झालर समय से नहीं हटने के कारण कोटवां से मोदम्मदपुर तक लगे जाम से यात्री जूझते रहे। दोपहर 12 बजे से लगा जाम शाम पांच बजे भी नहीं खुला तो पुलिस ने बेलइसा और शंकरपुर चेकपोस्ट पर वाहनों को डायवर्ट कर जाम खुलवाया। जाम में फंस कर पूरे दिन लोग बेहाल होते रहे।
कस्बे में लगने वाला दशहरा मेला आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर ही लगता है। इस कारण रविवार रात को ही बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्ग निजामाबाद-फरिहां से होकर निकाला गया था। मार्ग सिंगल होने और क्रासिंग बंद होने के कारण सोमवार कोऌ इस पर 12 घंटे तक जाम लगा था। पुलिस के ध्यान न देने से छोटे वाहन भी प्रवेश वर्जित होने के बाद भी मेले में प्रवेश कर रहे थे, इसलिए मेले में भी अव्यवस्था थी। मंगलवार को पुलिस की ओर से बंद आजमगढ़-वाराणसी मार्ग को खोल दिया गया। जबकि अभी कस्बे में मार्ग पर लगे बल्लियों और झालरों को हटाया भी नहीं गया था। साथ ही पूजा कमेटियों की ओर से विसर्जन की भी तैयारी की जा रही थी। इससे दोपहर 12 बजे से ही आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर जाम लगना शुरू हो गया। धीरे-धीरे जाम कोटवां से मोदम्मदपुर तक 12 किमी लंबा हो गया। शाम पांच बजे तक जाम में फंसकर लोग परेशान होते रहे। कस्बे में विसर्जन के लिए निकल रहे वाहनों को पूजा कमेटी के सदस्य ही पास कराते रहे। शाम तक पुलिस नहीं नजर आई। शाम पांच बजे पुलिस की नींद खुली और वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों को शंकरपुर चेकपोस्ट से फरिहां-निजामाबाद मार्ग पर मोड़ा गया। इसी तरह आजमगढ़ की ओर से जाने वाले वाहनों को बेलइसा-सतवारा-मेंहनगर मार्ग से निकाला गया। इसके बाद जाम खुल पाया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
त्योहार पर मेले के कारण थोड़ी परेशानी आई है। वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मो. तारिक, एपी ट्रैफिक
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कस्बे में लगने वाला दशहरा मेला आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर ही लगता है। इस कारण रविवार रात को ही बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्ग निजामाबाद-फरिहां से होकर निकाला गया था। मार्ग सिंगल होने और क्रासिंग बंद होने के कारण सोमवार कोऌ इस पर 12 घंटे तक जाम लगा था। पुलिस के ध्यान न देने से छोटे वाहन भी प्रवेश वर्जित होने के बाद भी मेले में प्रवेश कर रहे थे, इसलिए मेले में भी अव्यवस्था थी। मंगलवार को पुलिस की ओर से बंद आजमगढ़-वाराणसी मार्ग को खोल दिया गया। जबकि अभी कस्बे में मार्ग पर लगे बल्लियों और झालरों को हटाया भी नहीं गया था। साथ ही पूजा कमेटियों की ओर से विसर्जन की भी तैयारी की जा रही थी। इससे दोपहर 12 बजे से ही आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर जाम लगना शुरू हो गया। धीरे-धीरे जाम कोटवां से मोदम्मदपुर तक 12 किमी लंबा हो गया। शाम पांच बजे तक जाम में फंसकर लोग परेशान होते रहे। कस्बे में विसर्जन के लिए निकल रहे वाहनों को पूजा कमेटी के सदस्य ही पास कराते रहे। शाम तक पुलिस नहीं नजर आई। शाम पांच बजे पुलिस की नींद खुली और वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों को शंकरपुर चेकपोस्ट से फरिहां-निजामाबाद मार्ग पर मोड़ा गया। इसी तरह आजमगढ़ की ओर से जाने वाले वाहनों को बेलइसा-सतवारा-मेंहनगर मार्ग से निकाला गया। इसके बाद जाम खुल पाया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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त्योहार पर मेले के कारण थोड़ी परेशानी आई है। वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मो. तारिक, एपी ट्रैफिक
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