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4000 से बढ़कर 4000 से 4800 रुपये हुआ रेशम का दाम, करोड़ों का माल डंप
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मुबारकपुर। रेशमी नगरी के नाम से पहचान बनाने वाले मुबारकपुर का रेशम उद्योग पर भी अब कोरोना का असर दिखने लगा है। बुनकरों और व्यापारियों के यहां तैयार माल डंपहै लेकिन उसके खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं और ना ही बाहर से माल की आपूर्ति के लिए कोई आर्डर आ रहा है। जिसके कारण इस कारोबार से जुड़े लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
मुबारकपुर कस्बे में हजारों की संख्या में यहां के लोग पावरलूम और हैंडलूम के जरिए रेशमी साड़ियों को बनाने का कार्य करते हैं। बनने के बाद यह साड़ियां बनारस आदि शहरों में बिक्री की जाती है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण आज रेशमी नगरी का कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। न तो कच्चा माल मिल रहा है और ना ही तैयार माल के खरीदार मिल रहे हैं। जिसका परिणाम है कि रेशम के दाम में विगत 15 दिनों के अंदर आठ सौ रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। क्योंकि रेशम की सप्लाई चीन से भी होती थी। कोरोना वायरस फैलने के बाद वहां से रेशम की आपूर्ति बंद हो गई। जिसका परिणाम है बुनकरों को 4000 की दर से मिलने वाला रेशम अब 4800 रुपये में मिल रहा है। सस्ता माल मिलने की आशा में बहुत से व्यापारी मुबारकपुर आकर माल की खरीदारी करते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यापारियों का कस्बे में आना बंद हो गया है। जिसका परिणाम है कि व्यापारियों और बुनकरों के द्वारा तैयार माल डंप पड़ा है।
15 करोड़ से अधिक का माल डंप
आजमगढ़। रेशमी नगरी मुबारकपुर में बनने वाली रेशमी साड़ियों का हर महीने लगभग 20 करोड़ का कारोबार होता है। वर्तमान में कोरोना वायरस ने इस कारोबार को इतना प्रभावित किया है कि एक हफ्ते में लगभग पांच से छह करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं व्यापारियों और बुनकरों के पास लगभग 15 करोड़ से अधिक का माल डंप पड़ा हुआ है।
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मुबारकपुर कस्बे में हजारों की संख्या में यहां के लोग पावरलूम और हैंडलूम के जरिए रेशमी साड़ियों को बनाने का कार्य करते हैं। बनने के बाद यह साड़ियां बनारस आदि शहरों में बिक्री की जाती है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण आज रेशमी नगरी का कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। न तो कच्चा माल मिल रहा है और ना ही तैयार माल के खरीदार मिल रहे हैं। जिसका परिणाम है कि रेशम के दाम में विगत 15 दिनों के अंदर आठ सौ रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। क्योंकि रेशम की सप्लाई चीन से भी होती थी। कोरोना वायरस फैलने के बाद वहां से रेशम की आपूर्ति बंद हो गई। जिसका परिणाम है बुनकरों को 4000 की दर से मिलने वाला रेशम अब 4800 रुपये में मिल रहा है। सस्ता माल मिलने की आशा में बहुत से व्यापारी मुबारकपुर आकर माल की खरीदारी करते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यापारियों का कस्बे में आना बंद हो गया है। जिसका परिणाम है कि व्यापारियों और बुनकरों के द्वारा तैयार माल डंप पड़ा है।
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15 करोड़ से अधिक का माल डंप
आजमगढ़। रेशमी नगरी मुबारकपुर में बनने वाली रेशमी साड़ियों का हर महीने लगभग 20 करोड़ का कारोबार होता है। वर्तमान में कोरोना वायरस ने इस कारोबार को इतना प्रभावित किया है कि एक हफ्ते में लगभग पांच से छह करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं व्यापारियों और बुनकरों के पास लगभग 15 करोड़ से अधिक का माल डंप पड़ा हुआ है।
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