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Ayodhya News: देरी का बहाना बनाकर बीमा राशि रोकना कंपनी को पड़ा भारी
Fri, 16 Oct 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:22 PM IST
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अयोध्या। क्लेम आवेदन जमा करने में देरी का हवाला देकर बीमा राशि का भुगतान न करने पर स्थायी लोक अदालत ने श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी और एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने मृतक की पत्नी रूपाली और अवयस्क पुत्री शानवी के पक्ष में 15 लाख रुपये सात प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज के साथ दो माह में भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही 10 हजार रुपये वाद व्यय और 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया है। फैसला अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी तथा सदस्य राजेश कुमार शुक्ला और अजीत कुमार सिंह की पीठ ने शुक्रवार को सुनाया।
वाद के अनुसार, 22 मार्च 2023 को तारुन मार्ग पर ककोली गांव के पास सड़क दुर्घटना में वाहन स्वामी संदीप कुमार की मृत्यु हो गई थी। वह बाइक से घर लौट रहे थे। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया था।
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मृतक की पत्नी रूपाली ने दुर्घटना की सूचना तत्काल बीमा कंपनी को दी और संबंधित दस्तावेजों के साथ क्लेम फार्म रजिस्टर्ड डाक से दो बार भेजा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद 15 फरवरी 2024 को स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया गया। बीमा कंपनी ने रिपोर्ट और क्लेम आवेदन में देरी का तर्क दिया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर 15 फरवरी 2024 से भुगतान तक चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा। संवाद
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अदालत ने मृतक की पत्नी रूपाली और अवयस्क पुत्री शानवी के पक्ष में 15 लाख रुपये सात प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज के साथ दो माह में भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही 10 हजार रुपये वाद व्यय और 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया है। फैसला अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी तथा सदस्य राजेश कुमार शुक्ला और अजीत कुमार सिंह की पीठ ने शुक्रवार को सुनाया।
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वाद के अनुसार, 22 मार्च 2023 को तारुन मार्ग पर ककोली गांव के पास सड़क दुर्घटना में वाहन स्वामी संदीप कुमार की मृत्यु हो गई थी। वह बाइक से घर लौट रहे थे। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया था।
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मृतक की पत्नी रूपाली ने दुर्घटना की सूचना तत्काल बीमा कंपनी को दी और संबंधित दस्तावेजों के साथ क्लेम फार्म रजिस्टर्ड डाक से दो बार भेजा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद 15 फरवरी 2024 को स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया गया। बीमा कंपनी ने रिपोर्ट और क्लेम आवेदन में देरी का तर्क दिया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर 15 फरवरी 2024 से भुगतान तक चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा। संवाद