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Ayodhya News: राम मंदिर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे, ट्रस्ट को सौंपे
Fri, 16 Oct 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:41 PM IST
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राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद नृपेंद्र मिश्र व अन्य।
अयोध्या। राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने आवश्यक अभिलेखों के साथ इन कार्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। अब परकोटे का निर्माण प्रमुख कार्य के रूप में शेष है। शुक्रवार को मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परकोटे का निर्माण और मंदिर व परकोटे की फसाड लाइटिंग 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बारिश के कारण परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम प्रभावित हुआ है। इसके अधूरा रहने के कारण परकोटे का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। मौसम अनुकूल होने पर काम में तेजी लाई जाएगी। निर्माण पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत परकोटे को भी ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान मंदिर की भव्यता और स्थापत्य की खूबसूरती के अनुरूप रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। फसाड लाइटिंग के जरिये मंदिर की नक्काशी और वास्तुशिल्प को रात में भी आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने की तैयारी है।
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निर्माण समिति की बैठक में ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। एलएंडटी से जुड़े भुगतान संबंधी मामलों को निपटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और म्यूजियम की प्रगति पर भी चर्चा होगी। इन दोनों परियोजनाओं की स्थिति और निर्माण कार्यों की गति का आकलन किया जाएगा।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इनके परिसर में उद्यान और हॉर्टिकल्चर से जुड़े कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, मध्वाचार्य द्वार का निर्माण करीब 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। निर्माण समिति निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर प्रगति का आकलन करेगी। साथ ही निर्माण में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेकर उन्हें दूर करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एलएंडटी संबंधित ड्राइंग, डिजाइन, अभिलेख और वित्तीय प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर ट्रस्ट को दस्तावेज सौंपती है। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हैं। जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही ट्रस्ट हस्तांतरण स्वीकार करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, दस्तावेजों और वित्तीय विवरणों का सत्यापन सुनिश्चित करना है।
परकोटे के हस्तांतरण से पहले पूरी होगी तकनीकी प्रक्रिया
राम मंदिर परिसर में परकोटे का निर्माण पूरा होने के बाद भी इसे तत्काल ट्रस्ट को नहीं सौंपा जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसी एलएंडटी को ड्राइंग, डिजाइन, निर्माण संबंधी अभिलेख और वित्तीय विवरण सहित तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर मौके पर निर्माण कार्यों की जांच करेंगे। आवश्यक मानकों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही हस्तांतरण स्वीकार किया जाएगा। फिलहाल परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम बारिश के कारण प्रभावित है। परकोटे का निर्माण और मंदिर व परकोटे की फसाड लाइटिंग 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
राम मंदिर में पर्वों की तैयारी तेज, वाल्मीकि जयंती की जिम्मेदारी डॉ. निर्मला यादव को
अयोध्या। राम मंदिर में आगामी पर्वों और धार्मिक आयोजनों को भव्य व व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को मणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। गोविंद देवगिरि की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्तिक मास के प्रमुख पर्वों, अन्नकूट और दीपोत्सव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। 26 अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. निर्मला यादव को सौंपी गई है।
बैठक में आगामी धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा के साथ उनकी व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श हुआ। गोपाष्टमी के अवसर पर गोशाला के शुभारंभ की योजना पर भी चर्चा की गई। दीपोत्सव के मद्देनजर लक्षदीपों की व्यवस्था को लेकर भी समिति ने मंथन किया। समिति का जोर पर्वों के आयोजन में धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर रहा।
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नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बारिश के कारण परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम प्रभावित हुआ है। इसके अधूरा रहने के कारण परकोटे का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। मौसम अनुकूल होने पर काम में तेजी लाई जाएगी। निर्माण पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत परकोटे को भी ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान मंदिर की भव्यता और स्थापत्य की खूबसूरती के अनुरूप रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। फसाड लाइटिंग के जरिये मंदिर की नक्काशी और वास्तुशिल्प को रात में भी आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने की तैयारी है।
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निर्माण समिति की बैठक में ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। एलएंडटी से जुड़े भुगतान संबंधी मामलों को निपटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और म्यूजियम की प्रगति पर भी चर्चा होगी। इन दोनों परियोजनाओं की स्थिति और निर्माण कार्यों की गति का आकलन किया जाएगा।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इनके परिसर में उद्यान और हॉर्टिकल्चर से जुड़े कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, मध्वाचार्य द्वार का निर्माण करीब 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। निर्माण समिति निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर प्रगति का आकलन करेगी। साथ ही निर्माण में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेकर उन्हें दूर करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एलएंडटी संबंधित ड्राइंग, डिजाइन, अभिलेख और वित्तीय प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर ट्रस्ट को दस्तावेज सौंपती है। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हैं। जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही ट्रस्ट हस्तांतरण स्वीकार करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, दस्तावेजों और वित्तीय विवरणों का सत्यापन सुनिश्चित करना है।
परकोटे के हस्तांतरण से पहले पूरी होगी तकनीकी प्रक्रिया
राम मंदिर परिसर में परकोटे का निर्माण पूरा होने के बाद भी इसे तत्काल ट्रस्ट को नहीं सौंपा जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसी एलएंडटी को ड्राइंग, डिजाइन, निर्माण संबंधी अभिलेख और वित्तीय विवरण सहित तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर मौके पर निर्माण कार्यों की जांच करेंगे। आवश्यक मानकों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही हस्तांतरण स्वीकार किया जाएगा। फिलहाल परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम बारिश के कारण प्रभावित है। परकोटे का निर्माण और मंदिर व परकोटे की फसाड लाइटिंग 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
राम मंदिर में पर्वों की तैयारी तेज, वाल्मीकि जयंती की जिम्मेदारी डॉ. निर्मला यादव को
अयोध्या। राम मंदिर में आगामी पर्वों और धार्मिक आयोजनों को भव्य व व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को मणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। गोविंद देवगिरि की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्तिक मास के प्रमुख पर्वों, अन्नकूट और दीपोत्सव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। 26 अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. निर्मला यादव को सौंपी गई है।
बैठक में आगामी धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा के साथ उनकी व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श हुआ। गोपाष्टमी के अवसर पर गोशाला के शुभारंभ की योजना पर भी चर्चा की गई। दीपोत्सव के मद्देनजर लक्षदीपों की व्यवस्था को लेकर भी समिति ने मंथन किया। समिति का जोर पर्वों के आयोजन में धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर रहा।