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Ayodhya News: वर्षों बाद भी कायम है सड़कों की मजबूती
Mon, 07 Sep 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:41 AM IST
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अयोध्या। बनते ही सड़क उखड़ने और गड्ढों में तब्दील होने की शिकायतें आम हैं, लेकिन जिले में कुछ सड़कें ऐसी भी हैं, जो निर्माण के कई साल बाद भी अच्छी स्थिति में हैं। कहीं 15 साल पुरानी आरसीसी सड़क अब भी मजबूत है तो कहीं चार साल बाद भी सड़क पर एक पैच तक लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। भारी वाहनों की आवाजाही वाले मार्ग भी निर्माण के वर्षों बाद अपनी स्थिति बनाए हुए हैं।
केस-1 : 15 साल बाद भी मजबूत है आरसीसी सड़क
पूराबाजार। विकासखंड के जलालुद्दीन नगर गांव का मुख्य मार्ग करीब 15 साल बाद भी अच्छी स्थिति में है। सांसद निधि से वर्ष 2011-12 में बनी करीब 600 मीटर लंबी और पांच मीटर चौड़ी आरसीसी सड़क आज भी करीब चार हजार की आबादी के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क पर कोई बड़ा क्षतिग्रस्त हिस्सा नजर नहीं आता। तत्कालीन कांग्रेस सांसद निर्मल खत्री की निधि से करीब 30 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। ग्रामीण आज भी रोजमर्रा के आवागमन के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
केस-2 : चार साल में एक भी पैच नहीं लगा
तारुन। रामगढ़वा से तारुन तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण के साथ पुनर्निर्मित होने के चार साल बाद भी अच्छी स्थिति में है। सात मीटर चौड़ी इस सड़क से ककोली, बालापुर और तारुन होते हुए हैदरगंज मार्ग तक आवागमन होता है। निर्माण के बाद अब तक सड़क पर एक भी पैच लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। लोक निर्माण विभाग से स्वीकृत इस सड़क का निर्माण प्रिया कंस्ट्रक्शन ने कराया था।
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केस-3 : दो साल बाद भी रुदौली-अमानीगंज मार्ग मजबूत
रुदौली। करीब सात किलोमीटर लंबे और सात मीटर चौड़े रुदौली-अमानीगंज मार्ग की स्थिति निर्माण के दो साल बाद भी बेहतर है। करीब 15.82 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। यह रुदौली को सुल्तानपुर और प्रयागराज से जोड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2024 में इसका शिलान्यास किया था और अक्तूबर 2025 में लोकार्पण हुआ। क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।
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केस-1 : 15 साल बाद भी मजबूत है आरसीसी सड़क
पूराबाजार। विकासखंड के जलालुद्दीन नगर गांव का मुख्य मार्ग करीब 15 साल बाद भी अच्छी स्थिति में है। सांसद निधि से वर्ष 2011-12 में बनी करीब 600 मीटर लंबी और पांच मीटर चौड़ी आरसीसी सड़क आज भी करीब चार हजार की आबादी के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क पर कोई बड़ा क्षतिग्रस्त हिस्सा नजर नहीं आता। तत्कालीन कांग्रेस सांसद निर्मल खत्री की निधि से करीब 30 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। ग्रामीण आज भी रोजमर्रा के आवागमन के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
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केस-2 : चार साल में एक भी पैच नहीं लगा
तारुन। रामगढ़वा से तारुन तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण के साथ पुनर्निर्मित होने के चार साल बाद भी अच्छी स्थिति में है। सात मीटर चौड़ी इस सड़क से ककोली, बालापुर और तारुन होते हुए हैदरगंज मार्ग तक आवागमन होता है। निर्माण के बाद अब तक सड़क पर एक भी पैच लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। लोक निर्माण विभाग से स्वीकृत इस सड़क का निर्माण प्रिया कंस्ट्रक्शन ने कराया था।
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केस-3 : दो साल बाद भी रुदौली-अमानीगंज मार्ग मजबूत
रुदौली। करीब सात किलोमीटर लंबे और सात मीटर चौड़े रुदौली-अमानीगंज मार्ग की स्थिति निर्माण के दो साल बाद भी बेहतर है। करीब 15.82 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। यह रुदौली को सुल्तानपुर और प्रयागराज से जोड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2024 में इसका शिलान्यास किया था और अक्तूबर 2025 में लोकार्पण हुआ। क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।