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Ayodhya News: निर्मला अस्पताल खोलने के लिए दिन भर डटे रहे निजी चिकित्सक
Wed, 21 Jan 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:19 PM IST
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अयोध्या। इंजेक्शन की ओवरडोज मामले में चर्चा में आए निर्मला अस्पताल को खोलने के लिए बुधवार को निजी चिकित्सक सीएमओ कार्यालय और आवास तक डटे रहे। इसे लेकर सीएमओ से तीखी बहस भी हुई, लेकिन शाम तक भी अस्पताल का ताला नहीं खुल सका।
15 दिसंबर को अयोध्या धाम के हलकारा का पुरवा निवासी सरोज कौशल को निर्मला अस्पताल से रेफर कर दिया गया था। लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने निर्मला अस्पताल का लेटरपैड दिखाकर शिकायत की थी कि सरोज कौशल को हिपेरिन नामक इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई, जिस कारण उनकी मौत हो गई।
इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा और सीएमओ ने मानक विहीन चल रहे इस अस्पताल की ओटी, आईसीयू आदि सील कर दिया। मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी। अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहां से सीएमओ के 29 दिसंबर के आदेश को रद्द करने का आदेश हुआ है। साथ ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी करने, उनका पक्ष लेने और कारण सहित कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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इसी आदेश का हवाला देकर बुधवार की सुबह अस्पताल प्रबंधन से जुड़े चिकित्सक व शहर के कई निजी चिकित्सक सीएमओ कार्यालय गए। वहां से सीएमओ आवास गए और अस्पताल की सील खोलवाने का दबाव बनाने लगे। सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो कुछ चिकित्सकों से बहस भी हुई। कुछ चिकित्सक तो शाम चार बजे तक भी सीएमओ आवास पर जमा रहे, लेकिन अंतत: सील नहीं खुल सकी तो मायूस होकर लौट आए। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
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15 दिसंबर को अयोध्या धाम के हलकारा का पुरवा निवासी सरोज कौशल को निर्मला अस्पताल से रेफर कर दिया गया था। लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने निर्मला अस्पताल का लेटरपैड दिखाकर शिकायत की थी कि सरोज कौशल को हिपेरिन नामक इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई, जिस कारण उनकी मौत हो गई।
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इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा और सीएमओ ने मानक विहीन चल रहे इस अस्पताल की ओटी, आईसीयू आदि सील कर दिया। मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी। अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहां से सीएमओ के 29 दिसंबर के आदेश को रद्द करने का आदेश हुआ है। साथ ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी करने, उनका पक्ष लेने और कारण सहित कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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इसी आदेश का हवाला देकर बुधवार की सुबह अस्पताल प्रबंधन से जुड़े चिकित्सक व शहर के कई निजी चिकित्सक सीएमओ कार्यालय गए। वहां से सीएमओ आवास गए और अस्पताल की सील खोलवाने का दबाव बनाने लगे। सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो कुछ चिकित्सकों से बहस भी हुई। कुछ चिकित्सक तो शाम चार बजे तक भी सीएमओ आवास पर जमा रहे, लेकिन अंतत: सील नहीं खुल सकी तो मायूस होकर लौट आए। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।