{"_id":"6a3172bba67cc50590015702","slug":"mahant-dharmadas-demanded-a-supreme-court-monitored-probe-while-paramhans-acharya-termed-it-a-conspiracy-to-defame-sanatan-dharma-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-151917-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: महंत धर्मदास ने सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने की मांग की, परमहंस आचार्य ने बताया सनातन को बदनाम करने की साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: महंत धर्मदास ने सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने की मांग की, परमहंस आचार्य ने बताया सनातन को बदनाम करने की साजिश
Tue, 16 Jun 2026 09:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। राम मंदिर की दान पेटियों में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर चल रही जांच के बीच अयोध्या के संतों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। राम जन्मभूमि मामले के पक्षकार रहे महंत धर्मदास और तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज ने अलग-अलग बयान जारी कर मामले पर अपनी बात रखी है।
महंत धर्मदास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट का अर्थ ही विश्वास होता है, लेकिन जब विश्वास समाप्त होने लगे तो स्थिति चिंताजनक हो जाती है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और मुकदमे की लड़ाई लड़ने वाले अनेक लोगों को मंदिर की व्यवस्थाओं से दूर रखा गया, जबकि व्यवस्था कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित हो गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या के संतों और स्थानीय लोगों की उपेक्षा हुई है। दान पेटी मामले की जांच पर उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हुआ है, इसलिए पूरे प्रकरण की जांच भी सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य अंततः सामने आएगा।
वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज ने मामले को सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश बताते हुए राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर और सनातन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उन्हें चुनावी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना को लेकर कई सवाल हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महंत धर्मदास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट का अर्थ ही विश्वास होता है, लेकिन जब विश्वास समाप्त होने लगे तो स्थिति चिंताजनक हो जाती है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और मुकदमे की लड़ाई लड़ने वाले अनेक लोगों को मंदिर की व्यवस्थाओं से दूर रखा गया, जबकि व्यवस्था कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित हो गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या के संतों और स्थानीय लोगों की उपेक्षा हुई है। दान पेटी मामले की जांच पर उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हुआ है, इसलिए पूरे प्रकरण की जांच भी सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य अंततः सामने आएगा।
विज्ञापन
वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज ने मामले को सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश बताते हुए राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर और सनातन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उन्हें चुनावी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना को लेकर कई सवाल हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
विज्ञापन