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Ayodhya News: रामलला के लिए रोजाना हवाई जहाज से आते हैं कपड़े और फूल
Fri, 08 Mar 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:13 AM IST
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अयोध्या। नव्य-भव्य मंदिर में विराजे रामलला के ठाठ निराले हैं। रामलला की सेवा, पूजा एक राजकुमार की तरह की जाती है। इसलिए उनकी नित्य सेवा भी राजसी अंदाज में होती है। रामलला रोजाना नए कपड़े पहनते हैं। ये कपड़े उनके लिए दिल्ली से हवाई जहाज के माध्यम से आते हैं। यही नहीं रामलला को जो फूल अर्पित किए जाते हैं वे भी रोजाना कर्नाटक व महाराष्ट्र से हवाई मार्ग से ही आते हैं। इस कार्य में एयरपोर्ट की सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ मदद करती है।
रामलला को दिन के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं। हर दिन अलग-अलग रंग के कपड़े रामलला पहनते हैं। यह कपड़े दिल्ली निवासी मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए भी रामलला के कपड़े उन्होंने ही डिजाइन किए थे। अयोध्या में 15 दिन अपनी टीम के साथ रहकर उन्होंने सात दिनों के लिए कपड़ाें के सात सेट तैयार किए थे।
मनीष ने बताया कि हथकरघा व खादी के कपड़े रामलला के लिए बनाए जा रहे हैं। साथ ही बनारसी सिल्क व चंदेरी सिल्क के कपड़े भी रामलला के लिए निर्मित किए जाते हैं। अब रामलला के लिए महेश्वर सिल्क, संभलपुरी उड़ीसा व साउथ में प्रचलित सिल्क के कपड़े भी बनाने की तैयारी है।
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इसके लिए उन्होंने बाकायदा श्रम साधकों की नियुक्ति कर रखी है। चार श्रम साधक केवल रामलला के कपड़े बनाते हैं। भगवान की पोशाक में धोती, पटका, अंग वस्त्र, एक और पटका बनाया जाता है। वहीं विराजमान रामलला व चारों भाईयों के लिए भी कपड़े तैयार किए जाते हैं। पोशाक इस तरह से तैयार किए जाते हैं कि वे उनके पैरों में न स्पर्श हों।
मनीष के अनुसार रोजाना कपड़ों को हवाई जहाज से दिल्ली से अयोध्या भेजा जाता है। जहां ट्रस्ट के कर्मी उन्हें रिसीव करते है और रामजन्मभूमि के पुजारी को सौंपते हैं। मनीष का दावा है कि कपड़े वह नि:शुल्क तैयार करते हैं, रामलला की सेवा में यह उनका गिलहरी योगदान है। वहीं रामलला के एक पुजारी का दावा है कि रामलला के लिए महाराष्ट्र व कर्नाटक से तरह-तरह के फूल भी रोजाना हवाई मार्ग से ही आते हैं। जिनसे रामलला का शृंगार किया जाता है।
अयोध्या में जल्द ही सेटअप स्थापित करने की योजना
मनीष ने बताया कि वे अयोध्या में जल्द ही सेटअप स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। मंशा है कि हथकरघा, खादी के कपड़ों को बढ़ावा मिले। बताया कि इसके लिए चार मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें दिल्ली में ट्रेनिंग दी जा रही है। ये मास्टर ट्रेनर अन्य कारीगरों को ट्रेनिंग देगे। अभी अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बनाया गया उनका सेटअप रखा हुआ है। जल्द ही उचित जगह मिलते ही सेटअप स्थापित कर कारीगरों को भेजा जाएगा, ताकि अयोध्या में ही रामलला के लिए कपड़े तैयार हो सकें।
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रामलला को दिन के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं। हर दिन अलग-अलग रंग के कपड़े रामलला पहनते हैं। यह कपड़े दिल्ली निवासी मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए भी रामलला के कपड़े उन्होंने ही डिजाइन किए थे। अयोध्या में 15 दिन अपनी टीम के साथ रहकर उन्होंने सात दिनों के लिए कपड़ाें के सात सेट तैयार किए थे।
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मनीष ने बताया कि हथकरघा व खादी के कपड़े रामलला के लिए बनाए जा रहे हैं। साथ ही बनारसी सिल्क व चंदेरी सिल्क के कपड़े भी रामलला के लिए निर्मित किए जाते हैं। अब रामलला के लिए महेश्वर सिल्क, संभलपुरी उड़ीसा व साउथ में प्रचलित सिल्क के कपड़े भी बनाने की तैयारी है।
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इसके लिए उन्होंने बाकायदा श्रम साधकों की नियुक्ति कर रखी है। चार श्रम साधक केवल रामलला के कपड़े बनाते हैं। भगवान की पोशाक में धोती, पटका, अंग वस्त्र, एक और पटका बनाया जाता है। वहीं विराजमान रामलला व चारों भाईयों के लिए भी कपड़े तैयार किए जाते हैं। पोशाक इस तरह से तैयार किए जाते हैं कि वे उनके पैरों में न स्पर्श हों।
मनीष के अनुसार रोजाना कपड़ों को हवाई जहाज से दिल्ली से अयोध्या भेजा जाता है। जहां ट्रस्ट के कर्मी उन्हें रिसीव करते है और रामजन्मभूमि के पुजारी को सौंपते हैं। मनीष का दावा है कि कपड़े वह नि:शुल्क तैयार करते हैं, रामलला की सेवा में यह उनका गिलहरी योगदान है। वहीं रामलला के एक पुजारी का दावा है कि रामलला के लिए महाराष्ट्र व कर्नाटक से तरह-तरह के फूल भी रोजाना हवाई मार्ग से ही आते हैं। जिनसे रामलला का शृंगार किया जाता है।
अयोध्या में जल्द ही सेटअप स्थापित करने की योजना
मनीष ने बताया कि वे अयोध्या में जल्द ही सेटअप स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। मंशा है कि हथकरघा, खादी के कपड़ों को बढ़ावा मिले। बताया कि इसके लिए चार मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें दिल्ली में ट्रेनिंग दी जा रही है। ये मास्टर ट्रेनर अन्य कारीगरों को ट्रेनिंग देगे। अभी अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बनाया गया उनका सेटअप रखा हुआ है। जल्द ही उचित जगह मिलते ही सेटअप स्थापित कर कारीगरों को भेजा जाएगा, ताकि अयोध्या में ही रामलला के लिए कपड़े तैयार हो सकें।