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Auraiya News: इंटर के बाद कॅरिअर के आयाम तलाश रहे युवा
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औरैया। इंटरमीडिएट करने के बाद युवा अपने लिए कॅरिअर के नए आयाम तलाश कर रहे हैं। इसके तहत छात्र विज्ञान और सामाजिकता से जुड़े विषयों का चयन कर रहे हैं। कारण इन विषयों से संबंधित क्षेत्र में आने वाले दिनों में रोजगार की अपार संभावनाएं नजर आ रहीं हैं। जबकि लैंग्वेज को लेकर छात्रों में रुचि कम हो चली है।
जनपद में शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कम देखने को मिल रही है। सीटें न भर पाने से निजी कॉलेज संचालक परेशान हैं। यह कॉलेज छात्रों को तरह-तरह के प्रलोभन भी दे रहे हैं। लेकिन छात्र अपने पसंदीदा उन विषयों को चुनकर उन महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। जहां उन्हें आने वाले दिनों में रोजगार की संभावनाएं दिखाई दे रहीं हैं।
अब तक अधिकांश कॉलेजों में हुए प्रवेश की स्थिति देखें तो छात्रों ने विज्ञान और सामाजिकता से संबंधित विषयों को चुना है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार इन विषयों में अधिक प्रवेश देखने को मिले हैं। छात्रों में भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र विषयों को लेकर अधिक रुझान देखने को मिला है। लैंग्वेज को लेकर छात्रों में रुचि न के बराबर दिखाई दी है। इसके साथ ही छात्र रोजगार परक विषयों को भी पसंद कर प्रवेश ले रहे है।
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बीकॉम के आवेदनों में इस बार भी गिरावट देखने को मिली है। बीए के विषयों में अधिक बदलाव नहीं देखने को मिला है। बीएससी मैथ, बीएससी बायो में इस बार अधिक प्रवेश देखने को मिले है।
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छात्रों का लैंग्वेज में रुझान कम होता जा रहा है। कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिनों दिन कम होते जा रहे है। आने वाले समय में जिन क्षेत्रों में नौकरी के संभावनाएं दिखाई दे रही है। छात्र उनसे संबंधित विषयों को चुन रहे है। - डॉ. रवि कुमार, प्राचार्य तिलक महाविद्यालय
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जनपद में शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कम देखने को मिल रही है। सीटें न भर पाने से निजी कॉलेज संचालक परेशान हैं। यह कॉलेज छात्रों को तरह-तरह के प्रलोभन भी दे रहे हैं। लेकिन छात्र अपने पसंदीदा उन विषयों को चुनकर उन महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। जहां उन्हें आने वाले दिनों में रोजगार की संभावनाएं दिखाई दे रहीं हैं।
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अब तक अधिकांश कॉलेजों में हुए प्रवेश की स्थिति देखें तो छात्रों ने विज्ञान और सामाजिकता से संबंधित विषयों को चुना है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार इन विषयों में अधिक प्रवेश देखने को मिले हैं। छात्रों में भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र विषयों को लेकर अधिक रुझान देखने को मिला है। लैंग्वेज को लेकर छात्रों में रुचि न के बराबर दिखाई दी है। इसके साथ ही छात्र रोजगार परक विषयों को भी पसंद कर प्रवेश ले रहे है।
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बीकॉम के आवेदनों में इस बार भी गिरावट देखने को मिली है। बीए के विषयों में अधिक बदलाव नहीं देखने को मिला है। बीएससी मैथ, बीएससी बायो में इस बार अधिक प्रवेश देखने को मिले है।
छात्रों का लैंग्वेज में रुझान कम होता जा रहा है। कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिनों दिन कम होते जा रहे है। आने वाले समय में जिन क्षेत्रों में नौकरी के संभावनाएं दिखाई दे रही है। छात्र उनसे संबंधित विषयों को चुन रहे है। - डॉ. रवि कुमार, प्राचार्य तिलक महाविद्यालय