{"_id":"625db141aceb15570e444d0a","slug":"youth-dies-after-being-hit-by-goods-train-auraiya-news-knp6919518129","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालगाड़ी की चपेट में आकर डीएफसी कर्मी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालगाड़ी की चपेट में आकर डीएफसी कर्मी की मौत
विज्ञापन
शिवम की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंचौसी। रेलवे क्रासिंग से करीब दो सौ मीटर दूर पूर्वी अप रेलवे ट्रैक पर सोमवार सुबह डीएफसी कर्मी की मालगाड़ी के चपेट में आकर मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कराकर परिजनों को जानकारी दी।
मैनपुरी के कल्याणपुर गांव निवासी श्याम बाबू का बेटा शिवम (25) न्यू कंचौसी रेलवे स्टेशन के डीएफसी में खलासी था। वह कंचौसी कस्बे में किराए का कमरा लेकर एक साथी संग रहता था।
रविवार रात उसकी ड्यूटी थी। ड्यूटी खत्म होने पर वह न्यू कंचौसी रेलवे स्टेशन बान से पैदल सोमवार सुबह करीब छह बजे कमरे में जा रहा था। इसी बीच अप रेलवे लाइन पर पीछे से आ रही मालगाड़ी से उसका सिर टकरा गया और औरैया व कानपुर देहात की सीमा पर उसकी मौत हो गई। जानकारी पर पहुंचे उसके दोस्त ने पहचान की।
विज्ञापन
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की तो घटनास्थल कानपुर देहात के थाना मंगलपुर का निकला। मंगलपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए माती भेजा। बताया कि वह करीब एक साल से यहां पर रहकर नौकरी कर रहे थे। परिवार की जिम्मेदारी शिवम पर ही थी।
विज्ञापन
मैनपुरी के कल्याणपुर गांव निवासी श्याम बाबू का बेटा शिवम (25) न्यू कंचौसी रेलवे स्टेशन के डीएफसी में खलासी था। वह कंचौसी कस्बे में किराए का कमरा लेकर एक साथी संग रहता था।
विज्ञापन
रविवार रात उसकी ड्यूटी थी। ड्यूटी खत्म होने पर वह न्यू कंचौसी रेलवे स्टेशन बान से पैदल सोमवार सुबह करीब छह बजे कमरे में जा रहा था। इसी बीच अप रेलवे लाइन पर पीछे से आ रही मालगाड़ी से उसका सिर टकरा गया और औरैया व कानपुर देहात की सीमा पर उसकी मौत हो गई। जानकारी पर पहुंचे उसके दोस्त ने पहचान की।
विज्ञापन
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की तो घटनास्थल कानपुर देहात के थाना मंगलपुर का निकला। मंगलपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए माती भेजा। बताया कि वह करीब एक साल से यहां पर रहकर नौकरी कर रहे थे। परिवार की जिम्मेदारी शिवम पर ही थी।