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Auraiya News: जवारे विसर्जित करने गया युवक सेंगर नदी में डूबा, मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फफूंद। जवारे विसर्जित करने गए युवक पैर फिसलने से सेंगर नदी में गिर गया। ग्रामीण उसे निकालने की कोशिश करते वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। शव को ढूढ़ने में देरी होने से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और जाम लगाने लगे। दूसरे गांव से आए गोताखोर लगभग तीन घंटे बाद शव को बाहर निकाल पाए।
अजीतमल कोतवाली के गांव मुहीउद्दीनपुर निवासी प्रताप सिंह राजपूत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। शुक्रवार को उसके परिवार में जवारे विसर्जन का कार्यक्रम था। इसमें उनका 20 वर्षीय पुत्र विकास भी गांव से जुआ पुल पर सेंगर नदी में जवारे सिराने गया था। जवारे विसर्जित करने के बाद सभी लोग नहाने लगे। इसी बीच विकास का पैर फिसल गया और वह नदी में डूब गया।
ग्रामीणों ने उसे पानी में अंदर जाते देखा तो बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह पुल के नीचे गहरे पानी में जाकर डूब चुका था। ग्रामीणों ने पुलिस और गांव वालों को सूचना दी। मौके पर पास के गांव मल्लाहन की मड़ैया और बल्लपुर के तैराक लड़के पहुंच गए। सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा और फफूंद थानाध्यक्ष गंगा दास गौतम भी फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे।
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नदी में जाल व कांटे डलवाकर युवक की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी। इधर युवक को ढूंढने में देरी होते देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम करने का प्रयास किया। माहौल बिगड़ने की आशंका से पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
लगभग एक घंटे बाद औरैया से आए गोताखोरों ने कड़ी मेहनत करके शव को पानी से बाहर निकाला। युवक की मौत से पिता और मां बदहवास हो उठे जिन्हें ग्रामीणों ने संभाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा ने बताया की युवक जवारे सिराने आया था। वह नदी में डूब गया था। पानी से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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मां बोली बेटा बारात से लौटकर सीधा नदी पर चला गया, नहीं हुई मुलाकात
मृतक विकास की मां सोमवती ने बताया की उनका पुत्र रात में रिश्तेदारों की एक बारात में गया था। जहां से लौटने के बाद वह सीधा नदी पर ही चला आया था। आखिरी बार उसे देख भी नहीं पाए कहती हुई दहाड़ मारकर रो उठी।
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फौज में जाने के लिए दोस्तों के साथ कर रहा था तैयारी
मृतक विकास की मां सोमवती ने बताया की परिवार की आर्थिक हालत बहुत खस्ताहाल है। इसके बावजूद भी उनका बेटा बीएससी कर रहा था। साथ ही वह फौज और पुलिस में जाने की भी तैयारी में जुटा हुआ था। इसके लिए सुबह उठकर दोस्तों के साथ कड़ी मेहनत करता था, लेकिन उसके अरमान अधूरे रह गए। मृतक का एक बड़ा भाई भूपेंद्र और एक छोटा भाई हरज्ञान है। दो छोटी बहने सरस्वती और लाली हैं। जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। सुध बुध खो बैठी थी। गांव के लोग मां और दोनों छोटी बहनों को थामे हुए थे।
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फफूंद। जवारे विसर्जित करने गए युवक पैर फिसलने से सेंगर नदी में गिर गया। ग्रामीण उसे निकालने की कोशिश करते वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। शव को ढूढ़ने में देरी होने से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और जाम लगाने लगे। दूसरे गांव से आए गोताखोर लगभग तीन घंटे बाद शव को बाहर निकाल पाए।
अजीतमल कोतवाली के गांव मुहीउद्दीनपुर निवासी प्रताप सिंह राजपूत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। शुक्रवार को उसके परिवार में जवारे विसर्जन का कार्यक्रम था। इसमें उनका 20 वर्षीय पुत्र विकास भी गांव से जुआ पुल पर सेंगर नदी में जवारे सिराने गया था। जवारे विसर्जित करने के बाद सभी लोग नहाने लगे। इसी बीच विकास का पैर फिसल गया और वह नदी में डूब गया।
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ग्रामीणों ने उसे पानी में अंदर जाते देखा तो बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह पुल के नीचे गहरे पानी में जाकर डूब चुका था। ग्रामीणों ने पुलिस और गांव वालों को सूचना दी। मौके पर पास के गांव मल्लाहन की मड़ैया और बल्लपुर के तैराक लड़के पहुंच गए। सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा और फफूंद थानाध्यक्ष गंगा दास गौतम भी फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे।
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नदी में जाल व कांटे डलवाकर युवक की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी। इधर युवक को ढूंढने में देरी होते देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम करने का प्रयास किया। माहौल बिगड़ने की आशंका से पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
लगभग एक घंटे बाद औरैया से आए गोताखोरों ने कड़ी मेहनत करके शव को पानी से बाहर निकाला। युवक की मौत से पिता और मां बदहवास हो उठे जिन्हें ग्रामीणों ने संभाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ अजीतमल राम मोहन शर्मा ने बताया की युवक जवारे सिराने आया था। वह नदी में डूब गया था। पानी से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मां बोली बेटा बारात से लौटकर सीधा नदी पर चला गया, नहीं हुई मुलाकात
मृतक विकास की मां सोमवती ने बताया की उनका पुत्र रात में रिश्तेदारों की एक बारात में गया था। जहां से लौटने के बाद वह सीधा नदी पर ही चला आया था। आखिरी बार उसे देख भी नहीं पाए कहती हुई दहाड़ मारकर रो उठी।
फौज में जाने के लिए दोस्तों के साथ कर रहा था तैयारी
मृतक विकास की मां सोमवती ने बताया की परिवार की आर्थिक हालत बहुत खस्ताहाल है। इसके बावजूद भी उनका बेटा बीएससी कर रहा था। साथ ही वह फौज और पुलिस में जाने की भी तैयारी में जुटा हुआ था। इसके लिए सुबह उठकर दोस्तों के साथ कड़ी मेहनत करता था, लेकिन उसके अरमान अधूरे रह गए। मृतक का एक बड़ा भाई भूपेंद्र और एक छोटा भाई हरज्ञान है। दो छोटी बहने सरस्वती और लाली हैं। जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। सुध बुध खो बैठी थी। गांव के लोग मां और दोनों छोटी बहनों को थामे हुए थे।