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Auraiya News: घटा यमुना का जलस्तर, गौहानीकलां में अब भी नाव की सवारी
Wed, 10 Sep 2025 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:29 PM IST
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फोटो 10 एयूआरपी 26 सिकरोड़ी पुल के पार बाढ़ के पानी से डूबी फसल। संवाद
अजीतमल। वर्षा और बैराजों से छोड़े गए पानी से यमुना में आई बाढ़ अब घटने लगी है। पिछले आठ दिनों से यमुना नदी के जलस्तर लगातार बढ़ रहा था लेकिन अब कम होने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी गौहानीकलां के रास्ते पर बाढ़ का पानी भरा है। यहां पर लोग आने-जाने के लिए नाव का सहारा लिए हैं। यही नहीं सिकरोड़ी, जुहीखा व बेहड़ा गांव यमुना के पानी से घिरे हैं। सिकरोड़ी गांव में देवस्थान भी पानी में डूबा है।
यमुना का जलस्तर आठ दिनों से खतरे के निशान 113 मीटर के आसपास बह रहा था। मंगलवार शाम से यमुना के जलस्तर में कमी आई है लेकिन बुधवार की सुबह से पानी घटना शुरू हो गया है। सुबह छह बजे जलस्तर 112.120 मीटर और सुबह के आठ बजे 112.040 मीटर पानी रह गया था। लगातार घट रहे पानी के चलते दोपहर को 12 बजे 111.810 मीटर जल स्तर रिकार्ड किया गया। इस तरह एक दिन में लगभग एक मीटर से ज्यादा पानी कम हुआ है। इससे लोगों को राहत मिली है। हालांकि बढ़े जल स्तर के चलते छह दिनों से गौहानी कलां के संपर्क मार्ग पर अभी भी पानी भरा हुआ है।
लोग नाव से आवागमन कर रहे है। स्कूल जाने वाले शिक्ष, दूध व अन्य सामान लेकर बाजार जाने वाले ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बाढ़ के पानी से यमुना के किनारे होने वाली फसलें अभी जलमग्न हैं। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। उधर, एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। खतरे की कोई बात नही है। धीरे- धीरे पानी निकल जाएगा व ग्रामीणों को राहत मिलेगी। बताया कि राजस्व सहित खाद्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार बाढ़ क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे हैं। अब पानी कम होने पर स्वास्थ्य विभाग की गांवों में कैंप लगाकर दवा वितरण करेंगी।
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क्या बोले ग्रामीण
तीन बार आई बाढ़
फोटो 10 एयूआरपी 29 विनीत। संवाद
गौहानी कलां निवासी विनीत ने बताया कि अबकी तीन बार बाढ़ आई है। सबसे पहले उनके ही गांव का संपर्क टूटता है। इससे कहीं भी आना जाना बंद हो जाता है। लोग गांव में ही कैद होकर रह जाते हैं।
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ऊंचा नहीं किया गया रपटा पुल
फोटो 10 एयूआरपी 30 दयाशंकर। संवाद
गौहानीकलां निवासी दया शंकर ने बताया कि गौहानी कलां गांव के रपटा पुल पर सबसे पहले पानी आता है। इस पुल को ऊंचा करने के लिए कई बार कहा जा चुका है लेकिन इसे आज तक ऊंचा नहीं किया गया है।
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यमुना का जलस्तर आठ दिनों से खतरे के निशान 113 मीटर के आसपास बह रहा था। मंगलवार शाम से यमुना के जलस्तर में कमी आई है लेकिन बुधवार की सुबह से पानी घटना शुरू हो गया है। सुबह छह बजे जलस्तर 112.120 मीटर और सुबह के आठ बजे 112.040 मीटर पानी रह गया था। लगातार घट रहे पानी के चलते दोपहर को 12 बजे 111.810 मीटर जल स्तर रिकार्ड किया गया। इस तरह एक दिन में लगभग एक मीटर से ज्यादा पानी कम हुआ है। इससे लोगों को राहत मिली है। हालांकि बढ़े जल स्तर के चलते छह दिनों से गौहानी कलां के संपर्क मार्ग पर अभी भी पानी भरा हुआ है।
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लोग नाव से आवागमन कर रहे है। स्कूल जाने वाले शिक्ष, दूध व अन्य सामान लेकर बाजार जाने वाले ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बाढ़ के पानी से यमुना के किनारे होने वाली फसलें अभी जलमग्न हैं। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। उधर, एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। खतरे की कोई बात नही है। धीरे- धीरे पानी निकल जाएगा व ग्रामीणों को राहत मिलेगी। बताया कि राजस्व सहित खाद्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार बाढ़ क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे हैं। अब पानी कम होने पर स्वास्थ्य विभाग की गांवों में कैंप लगाकर दवा वितरण करेंगी।
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क्या बोले ग्रामीण
तीन बार आई बाढ़
फोटो 10 एयूआरपी 29 विनीत। संवाद
गौहानी कलां निवासी विनीत ने बताया कि अबकी तीन बार बाढ़ आई है। सबसे पहले उनके ही गांव का संपर्क टूटता है। इससे कहीं भी आना जाना बंद हो जाता है। लोग गांव में ही कैद होकर रह जाते हैं।
ऊंचा नहीं किया गया रपटा पुल
फोटो 10 एयूआरपी 30 दयाशंकर। संवाद
गौहानीकलां निवासी दया शंकर ने बताया कि गौहानी कलां गांव के रपटा पुल पर सबसे पहले पानी आता है। इस पुल को ऊंचा करने के लिए कई बार कहा जा चुका है लेकिन इसे आज तक ऊंचा नहीं किया गया है।

फोटो 10 एयूआरपी 26 सिकरोड़ी पुल के पार बाढ़ के पानी से डूबी फसल। संवाद