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खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर नीचे बह रही यमुना, धड़कनें बढ़ीं
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Yamuna flowing below one and a half meter below the danger mark, the beats increased
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना के उफनाने से बीती रात एक बजे बढ़ा जलस्तर शनिवार की शाम सात बजे तक 111.50 के आंकड़े को पार कर गया। नदी में पानी बढ़ने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना हो गया है। खतरे का निशान नदी में 113 मीटर पर है। फिलहाल अभी पानी खतरे के निशान से डेढ़ मीटर नीचे बह रहा है। वहीं, यमुना के पानी के उफान मारने से किनारे बसे लोगों की धड़कने बढ़ गई है।
शुक्रवार की रात करीब एक बजे एकाएक यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। शुरूआत में 30 से लेकर 50 सेमी प्रति घंटा जलस्तर की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे यमुना नदी में बने पैमाने पर लिखे 109.20 मीटर पर पानी पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कोटा बैराज से पानी छोड़ने के बाद चंबल में नदी में पानी बढ़ने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा है। बताया कि लगभग नौ लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने का अनुमान है। ऐसे में रविवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शाम लगभग सात बजे पैमाने पर बढ़ रहे पानी ने 111.50 के आंकड़े को छूकर आगे की ओर बढ़त बनाना जारी रखा हुआ है।
अजीतमल तहसील क्षेत्र से लगभग आठ किमी दक्षिण में यमुना का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार ऐसे ही बनी रही तो शनिवार की देर शाम तक सिकरोड़ी और पड़ोसी जनपद इटावा में पड़ने वाले गांव गढ़ा कासदा के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से रास्ता बंद हो सकता है। वहीं, यमुना में पानी बढ़ने से सिकरोड़ी, गुहानी कला, गुहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज, ततारपुर, बबाईंन, नगला, भूरेपुर कला आदि गांवों की हजारों हेक्टेअर भूमि जलमग्न हो गई है। बाढ़ की स्थित को देखते हुए जिला प्रशासन ने यमुना के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क कर दिया है। शनिवार को अजीतमल की तहसीलदार संध्या शर्मा ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश जारी किए गए हैं। तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि अभी बाढ़ का पानी किसी गांव में नहीं पहुंचा है, सिर्फ गोहानी कला में गांव के पास तक पानी पहुंचा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। उधर, अयाना प्रतिनिधि के अनुसार यमुना नदी में जलस्तर के बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शनिवार को जलस्तर केे बढ़ने से ग्राम फरिया, बीजलपुर, सिखरना, भरतौल, जुहीखा, सड़रापुर के किनारे नदी का पानी भरने से लोग सतर्क हो गए हैं। देर शाम एसडीएम राशिद अली खान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
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कुछ इस तरह प्रति घंटे बढ़ा यमुना का पानी
रात एक बजे - 104.30
रात 02 बजे- 104.60
रात 03 बजे- 104.90
सुबह 04 बजे- 105.30
सुबह 05 बजे- 105.80
सुबह 06 बजे- 106.60
सुबह 07 बजे- 107.50
सुबह 08 बजे- 108.50
सुबह 09 बजे- 109.20
सुबह 10 बजे- 109.60
सुबह 11 बजे- 109.90
दोपहर
12 बजे- 110.10
01 बजे- 110.50
02 बजे- 111.000
03 बजे- 111.20
शाम
04 बजे- 111.35
05 बजे- 111.40
06 बजे- 111.45
07 बजे- 111.50
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शुक्रवार की रात करीब एक बजे एकाएक यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। शुरूआत में 30 से लेकर 50 सेमी प्रति घंटा जलस्तर की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे यमुना नदी में बने पैमाने पर लिखे 109.20 मीटर पर पानी पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कोटा बैराज से पानी छोड़ने के बाद चंबल में नदी में पानी बढ़ने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा है। बताया कि लगभग नौ लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने का अनुमान है। ऐसे में रविवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शाम लगभग सात बजे पैमाने पर बढ़ रहे पानी ने 111.50 के आंकड़े को छूकर आगे की ओर बढ़त बनाना जारी रखा हुआ है।
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अजीतमल तहसील क्षेत्र से लगभग आठ किमी दक्षिण में यमुना का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार ऐसे ही बनी रही तो शनिवार की देर शाम तक सिकरोड़ी और पड़ोसी जनपद इटावा में पड़ने वाले गांव गढ़ा कासदा के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से रास्ता बंद हो सकता है। वहीं, यमुना में पानी बढ़ने से सिकरोड़ी, गुहानी कला, गुहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज, ततारपुर, बबाईंन, नगला, भूरेपुर कला आदि गांवों की हजारों हेक्टेअर भूमि जलमग्न हो गई है। बाढ़ की स्थित को देखते हुए जिला प्रशासन ने यमुना के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क कर दिया है। शनिवार को अजीतमल की तहसीलदार संध्या शर्मा ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश जारी किए गए हैं। तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि अभी बाढ़ का पानी किसी गांव में नहीं पहुंचा है, सिर्फ गोहानी कला में गांव के पास तक पानी पहुंचा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। उधर, अयाना प्रतिनिधि के अनुसार यमुना नदी में जलस्तर के बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शनिवार को जलस्तर केे बढ़ने से ग्राम फरिया, बीजलपुर, सिखरना, भरतौल, जुहीखा, सड़रापुर के किनारे नदी का पानी भरने से लोग सतर्क हो गए हैं। देर शाम एसडीएम राशिद अली खान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
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कुछ इस तरह प्रति घंटे बढ़ा यमुना का पानी
रात एक बजे - 104.30
रात 02 बजे- 104.60
रात 03 बजे- 104.90
सुबह 04 बजे- 105.30
सुबह 05 बजे- 105.80
सुबह 06 बजे- 106.60
सुबह 07 बजे- 107.50
सुबह 08 बजे- 108.50
सुबह 09 बजे- 109.20
सुबह 10 बजे- 109.60
सुबह 11 बजे- 109.90
दोपहर
12 बजे- 110.10
01 बजे- 110.50
02 बजे- 111.000
03 बजे- 111.20
शाम
04 बजे- 111.35
05 बजे- 111.40
06 बजे- 111.45
07 बजे- 111.50
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