फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Workers do not have government schemes information

श्रमिकों को नहीं है सरकारी योजनाओं की जानकारी

Thu, 04 May 2017 12:12 AM IST
औरैया
औरैया Updated Thu, 04 May 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
Workers do not have government schemes information
labour - फोटो : amarujala
श्रम प्रवर्तन विभाग श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चला रहा है। प्रचार प्रचार न होने से श्रमिकों को इनकी जानकारी ही नहीं है। इससे इन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले वित्तीस साल में 28 हजार से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण कराए गए थे। योजनाओं का लाभ केवल 10 हजार श्रमिक ही ले पाए।
विज्ञापन


सपा सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों के लिए नौ योजनाएं चलाई थीं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए 50 दिन सन्निर्माण में काम पाने वाले पात्र श्रमिकों कोे पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। सिर्फ 28 हजार 790 श्रमिकों ने ही पंजीकरण कराए। इन श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी नहीं दी गई। इससे पंजीकृत श्रमिकों में से सिर्फ 1073 श्रमिकों को ही योजनाओं का लाभ मिला।
विज्ञापन


लाभान्वित पंजीकृत श्रमिकों की संख्या
योजना               लाभान्वित श्रमिक
मातृत्व हित लाभ                    300
शिशु हित लाभ                     350
मेधावी छात्र पुरस्कार                    399
औजार क्रय सहायता योजना                279
अंत्येष्टि सहायता योजना                14
साइकिल सहायता योजना                8712
मृत्यु एवं विकलांग सहायता योजना            12
पुत्री विवाह अनुदान योजना                03
बालिका मदद योजना                    04

सन्निर्माण श्रमिक नहीं रहे मनरेगा जॉबकार्डधारक
औरैया। केंद्र सरकार की ओर से संचालित मनरेगा योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को सन्निर्माण श्रमिक के समान लाभ दिया जा रहा था। केंद्र सरकार ने 22 फरवरी 2017 को जारी आदेश से मनरेगा श्रमिकों के 50 दिन के नियोजन संबंधी पूर्व के आदेश को वापस ले लिया। मनरेगा मजदूरों के सन्निर्माण की श्रेणी से बाहर कर दिए जाने पर श्रम प्रवर्तन विभाग की योजनाओं से मिलने वाले सभी लाभ बंद हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रम प्रवर्तन विभाग के पास होर्डिंग, बैनर, पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने का बजट नहीं होता है। शासन स्तर से छपने वाली सरकारी पत्रिकाओं में ही सरकार की सभी योजनाओं का जिक्र होता है। इन्हें  सरकारी कार्यक्रम के दौरान आम लोगों व श्रमिकों के बीच वितरित कर प्रचार-प्रसार कराया जाता है। तकरीबन 50 फीसदी  श्रमिकों की ओर से योजनाओं का लाभ लेने के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया है।
                            एसके मिश्रा
                           श्रम प्रवर्तन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed