{"_id":"6aa6ee3d4a2dd322ae0449d4","slug":"when-salims-initiative-set-up-a-stage-for-lord-rama-in-front-of-the-police-station-auraiya-news-c-211-1-aur1024-151521-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: जब सलीम की पहल से थाने के सामने सजा भगवान राम का मंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: जब सलीम की पहल से थाने के सामने सजा भगवान राम का मंच
Mon, 14 Sep 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
फोटो -44- रामलीला की झांकी की आरती करते प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह। संवाद
दिबियापुर। एक ओर लोग धर्म के नाम पर दीवारें खड़ी कर रहे हैं वहीं थाने के सामने शनिवार रात एक मुस्लिम युवक ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
थाने के निकट हर साल होने वाली एक दिन की धनुष भंग रामलीला इस बार बंद होने की कगार पर थी। तब कस्बे के युवक सलीम ने आगे बढ़कर कहा ये हमारे कस्बे की परंपरा है, इसे बंद नहीं होने देंगे। सलीम की पहल को आगे बढ़ाते हुए आदर्श मिश्रा, रामजी शुक्ला, श्यामजी, मोनू सहित कई युवाओं ने सहयोग कर रातों-रात मंच सजा दिया। इस पहल को सलाम करने प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह मंच पर पहुंचे और भगवान श्रीराम व मां सीता की झांकी की आरती कर शुभारंभ किया।
कहा मैं रोज थाने पर देखता हूं कि जरा सी जमीन के लिए भाई ही भाई का दुश्मन बन रहा है। आज रामलीला के मंच से एक ही बात कहूंगा यहां से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श और भरत के त्याग को अपने घर लेकर जाइए। धनुष भंग और लक्ष्मण-परशुराम संवाद को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाने के निकट हर साल होने वाली एक दिन की धनुष भंग रामलीला इस बार बंद होने की कगार पर थी। तब कस्बे के युवक सलीम ने आगे बढ़कर कहा ये हमारे कस्बे की परंपरा है, इसे बंद नहीं होने देंगे। सलीम की पहल को आगे बढ़ाते हुए आदर्श मिश्रा, रामजी शुक्ला, श्यामजी, मोनू सहित कई युवाओं ने सहयोग कर रातों-रात मंच सजा दिया। इस पहल को सलाम करने प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह मंच पर पहुंचे और भगवान श्रीराम व मां सीता की झांकी की आरती कर शुभारंभ किया।
विज्ञापन
कहा मैं रोज थाने पर देखता हूं कि जरा सी जमीन के लिए भाई ही भाई का दुश्मन बन रहा है। आज रामलीला के मंच से एक ही बात कहूंगा यहां से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श और भरत के त्याग को अपने घर लेकर जाइए। धनुष भंग और लक्ष्मण-परशुराम संवाद को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटी रही।
विज्ञापन