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गेहूं खरीद के नाम पर औपचारिकता
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:13 AM IST
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औरैया सहकारी क्रय विक्रय समिति
- फोटो : amar ujala beuro
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साल 2016-17 में किसानों से गेहूं खरीद के लिए शुक्रवार से क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं। पहले दिन क्रय केंद्रों की गतिविधियों को लेकर अमर उजाला ने पड़ताल की तो अधूरे मानकों पर खुले क्रय केंद्र संसाधनाें के नाम पर सिर्फ ढांचे ही नजर आए। क्रय केंद्रों पर न तो छाया और पानी का प्रबंध दिखाई दिया और न ही क्रय प्रभारी मौके पर मौजूद मिले। सहायकों के भरोसे संचालित हुए क्रय केंद्रों को लेकर हमारे संवाददाता की रिपोर्ट।
समय- 11.35 बजे
सब कुछ गायब, हमीं हैं साहब
औरैया। मंडी समिति परिसर में औरैया सहकारी क्रय विक्रय समिति को पीसीएफ क्रय एजेंसी ने गेहूं खरीद केंद्र बनाया है। इस केंद्र की पड़ताल के दौरान खरीद केंद्र प्रभारी ज्ञानेंद्र बाबू तिवारी तो मौजूद मिले, लेकिन किसानों से गेहूं खरीदने को इस केंद्र पर सब कुछ गायब मिला। केंद्र पर छाया का तो इंतजाम दिखा। लेकिन पानी दूर-दूर तक नजर नहीं आया। इलेक्ट्रानिक तराजू से बैटरी गायब दिखी तो क्रय एजेंसी की ओर से केंद्र पर बारदाना के साथ ही क्रय प्रभारी को बजट भी उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई।
समय- 12.05 बजे
लापरवाही की माया, न बैनर न छाया
औरैया। साल 2016-17 की गेहूं खरीद के लिए मंडी परिसर में ही संचालित यूपी सहकारी संघ लि. भवन में यूपीएसएस क्रय एजेंसी ने खरीद केंद्र खोला है। पड़ताल के दौरान केंद्र तो खुला मिला लेकिन क्रय प्रभारी गिरधारी लाल मिश्रा गैरहाजिर मिले। केंद्र पर सहायक बैठा हुआ मिला। केंद्र पर संसाधनों के नाम पर छलना, इलेक्ट्रानिक तराजू, पंखा तो दिखाई दिया। लेकिन केंद्र पर बैनर लगा हुआ नहीं मिला। केंद्र पर आने वाले किसानों के बैठने का इंतजाम तो दिखाई दिया। लेकिन न तो यहां पीने का पानी मिला और न ही किसानों के पशुओं के ठहरने के लिए छाया का इंतजाम नजर आया।
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समय- 12.35 बजे
तैयारी धड़ाम, खरीद का बस नाम
औरैया। शासकीय आदेश के तहत खाद्य एवं रसद भंडार गृह के एक हिस्से को खाद्य विभाग की ओर से क्रय केंद्र तो बना दिया गया। लेकिन क्रय पर पड़ताल के दौरान तैयारी धड़ाम दिखाई दी। औपचारिकता के नाम पर इस केंद्र पर सत्र की गेहूं खरीद का बैनर तो लगा हुआ दिखा लेकिन खरीद के लिए जरूरी रजिस्टरी अभिलेख नहीं मिले। गायब मिले क्रय प्रभारी सुनील कुमार को मीटिंग में व्यस्त बताया गया। सहायक के तौर पर कर्मचारी फूल सिंह ही मौजूद मिले। केंद्र पर पानी के साथ छाया का इंतजाम अधूरा मिला।
हमारी भी सुनें
औरैया। सत्र की गेहूं खरीद के लिए शुक्रवार को खुले क्रय केंद्र महज औपचारिकता ही है। यह बात प्रत्यक्ष रूप से न सही लेकिन केंद्र पर मौजूद मिले क्रय प्रभारी व सहायकों ने सवालों के जवाब पर ऐसा ही संकेत दिया। क्रय प्रभारी व सहायक क्रय केंद्रों पर अभी 15 दिन और ऐसे ही इंतजाम रहने की बात कह रहे हैं।
किसानों से गेहूं खरीद के लिए छह क्रय एजेंसियों के माध्यम से 67 क्रय केंद्र संचालित करा दिए गए हैं। क्रय केंद्रों पर सभी इंतजाम पूरे कराए जा रहे हैं।
दिलीप कुमार, प्रभारी डिप्टी आरएमओ
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सब कुछ गायब, हमीं हैं साहब
औरैया। मंडी समिति परिसर में औरैया सहकारी क्रय विक्रय समिति को पीसीएफ क्रय एजेंसी ने गेहूं खरीद केंद्र बनाया है। इस केंद्र की पड़ताल के दौरान खरीद केंद्र प्रभारी ज्ञानेंद्र बाबू तिवारी तो मौजूद मिले, लेकिन किसानों से गेहूं खरीदने को इस केंद्र पर सब कुछ गायब मिला। केंद्र पर छाया का तो इंतजाम दिखा। लेकिन पानी दूर-दूर तक नजर नहीं आया। इलेक्ट्रानिक तराजू से बैटरी गायब दिखी तो क्रय एजेंसी की ओर से केंद्र पर बारदाना के साथ ही क्रय प्रभारी को बजट भी उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई।
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लापरवाही की माया, न बैनर न छाया
औरैया। साल 2016-17 की गेहूं खरीद के लिए मंडी परिसर में ही संचालित यूपी सहकारी संघ लि. भवन में यूपीएसएस क्रय एजेंसी ने खरीद केंद्र खोला है। पड़ताल के दौरान केंद्र तो खुला मिला लेकिन क्रय प्रभारी गिरधारी लाल मिश्रा गैरहाजिर मिले। केंद्र पर सहायक बैठा हुआ मिला। केंद्र पर संसाधनों के नाम पर छलना, इलेक्ट्रानिक तराजू, पंखा तो दिखाई दिया। लेकिन केंद्र पर बैनर लगा हुआ नहीं मिला। केंद्र पर आने वाले किसानों के बैठने का इंतजाम तो दिखाई दिया। लेकिन न तो यहां पीने का पानी मिला और न ही किसानों के पशुओं के ठहरने के लिए छाया का इंतजाम नजर आया।
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तैयारी धड़ाम, खरीद का बस नाम
औरैया। शासकीय आदेश के तहत खाद्य एवं रसद भंडार गृह के एक हिस्से को खाद्य विभाग की ओर से क्रय केंद्र तो बना दिया गया। लेकिन क्रय पर पड़ताल के दौरान तैयारी धड़ाम दिखाई दी। औपचारिकता के नाम पर इस केंद्र पर सत्र की गेहूं खरीद का बैनर तो लगा हुआ दिखा लेकिन खरीद के लिए जरूरी रजिस्टरी अभिलेख नहीं मिले। गायब मिले क्रय प्रभारी सुनील कुमार को मीटिंग में व्यस्त बताया गया। सहायक के तौर पर कर्मचारी फूल सिंह ही मौजूद मिले। केंद्र पर पानी के साथ छाया का इंतजाम अधूरा मिला।
हमारी भी सुनें
औरैया। सत्र की गेहूं खरीद के लिए शुक्रवार को खुले क्रय केंद्र महज औपचारिकता ही है। यह बात प्रत्यक्ष रूप से न सही लेकिन केंद्र पर मौजूद मिले क्रय प्रभारी व सहायकों ने सवालों के जवाब पर ऐसा ही संकेत दिया। क्रय प्रभारी व सहायक क्रय केंद्रों पर अभी 15 दिन और ऐसे ही इंतजाम रहने की बात कह रहे हैं।
किसानों से गेहूं खरीद के लिए छह क्रय एजेंसियों के माध्यम से 67 क्रय केंद्र संचालित करा दिए गए हैं। क्रय केंद्रों पर सभी इंतजाम पूरे कराए जा रहे हैं।
दिलीप कुमार, प्रभारी डिप्टी आरएमओ