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Auraiya News: छोटा रह गया गेहूं का दाना, किसान परेशान
Tue, 08 Apr 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 08 Apr 2025 11:52 PM IST
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गेहूं की बाली तोड़कर दानों का आकलन करते किसान मिहीलाल।
- फोटो : गेहूं की बाली तोड़कर दानों का आकलन करते किसान मिहीलाल।
औरैया। अबकी मार्च माह में ही चटक धूप के बीच गर्मी ने दस्तक दे दी थी। लोगों के साथ ही इस गर्मी का असर गेहूं की फसल पर भी देखने को मिल रहा है।
किसान खेतों में पककर खड़ी गेहूं की फसल की बाली से दाना निकालकर उत्पादन का आकलन कर रहे हैं। ज्यादातर खेतों में गेहूं का दाना छोटा नजर आ रहा है। संभावना यह जताई जा रही है कि मार्च माह इस बार गर्मी की दस्तक से दाना सिकुड़कर पक गया। जिसके चलते दाना अविकसित रह गया।
जनपद में तेजी से गेहूं की कटाई का सिलसिला शुरू हो गया है। किसान रात-दिन कटाई कर रहे। इस दौरान किसान अभी से गेहूं के उत्पादन का आकलन भी करने लगे हैं। किसान हर साल की तरह गेहूं की बाली तोड़कर उसके दानों से उत्पादन का अंदाजा लगा रहे हैं। ज्यादातर खेतों में दाना अविकसित निकल रहा है।
दाना सिकुड़ा हुआ होने की वजह से उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। किसानों की माने तो गेहूं के रंग में भी इस बार अंतर दिखेगा। पैदावार कम होने की संभावना से किसान परेशान हैं। उधर प्रशासन ने गेहूं के उत्पादन का औसत निकालने के लिए क्रॉप कटिंग शुरू कराई है।
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रुरुगंज निवासी किसान मिहीलाल ने बताया कि गेहूं का दाना इस बार छोटा रह गया है। रंग भी कुछ चटक हो गया है। ऐसे में कम उत्पादन व भाव कम मिलने की आशंका है।
गांव पुर्वा मुनु शाह निवासी किसान रामनाथ शाक्य ने बताया कि पांच बीघा खेत में इस बार गेहूं की फसल की है। सभी खेतों में दाना कमजोर है। सिकुड़ा है। ऐसे में उत्पादन कम रहने की संभावना है।
इस बार मार्च माह में ही गर्मी ने दस्तक दे दी थी। ऐसे में तापमान बढ़ने से जब तक गेहूं का दाना पर्याप्त आकार लेता, इससे पहले गर्मी की तपन से फसल पक गई। गेहूं का दाना छोटा रह जाने की बात सामने आई है। क्रॉप कटिंग सर्वे का काम पूरा हो जाने के बाद इसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी।-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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किसान खेतों में पककर खड़ी गेहूं की फसल की बाली से दाना निकालकर उत्पादन का आकलन कर रहे हैं। ज्यादातर खेतों में गेहूं का दाना छोटा नजर आ रहा है। संभावना यह जताई जा रही है कि मार्च माह इस बार गर्मी की दस्तक से दाना सिकुड़कर पक गया। जिसके चलते दाना अविकसित रह गया।
जनपद में तेजी से गेहूं की कटाई का सिलसिला शुरू हो गया है। किसान रात-दिन कटाई कर रहे। इस दौरान किसान अभी से गेहूं के उत्पादन का आकलन भी करने लगे हैं। किसान हर साल की तरह गेहूं की बाली तोड़कर उसके दानों से उत्पादन का अंदाजा लगा रहे हैं। ज्यादातर खेतों में दाना अविकसित निकल रहा है।
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दाना सिकुड़ा हुआ होने की वजह से उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। किसानों की माने तो गेहूं के रंग में भी इस बार अंतर दिखेगा। पैदावार कम होने की संभावना से किसान परेशान हैं। उधर प्रशासन ने गेहूं के उत्पादन का औसत निकालने के लिए क्रॉप कटिंग शुरू कराई है।
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रुरुगंज निवासी किसान मिहीलाल ने बताया कि गेहूं का दाना इस बार छोटा रह गया है। रंग भी कुछ चटक हो गया है। ऐसे में कम उत्पादन व भाव कम मिलने की आशंका है।
गांव पुर्वा मुनु शाह निवासी किसान रामनाथ शाक्य ने बताया कि पांच बीघा खेत में इस बार गेहूं की फसल की है। सभी खेतों में दाना कमजोर है। सिकुड़ा है। ऐसे में उत्पादन कम रहने की संभावना है।
इस बार मार्च माह में ही गर्मी ने दस्तक दे दी थी। ऐसे में तापमान बढ़ने से जब तक गेहूं का दाना पर्याप्त आकार लेता, इससे पहले गर्मी की तपन से फसल पक गई। गेहूं का दाना छोटा रह जाने की बात सामने आई है। क्रॉप कटिंग सर्वे का काम पूरा हो जाने के बाद इसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी।-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी