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शादी की खुशियां मातम में बदलीं
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Thu, 28 May 2015 12:30 AM IST
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दिल्ली से पैतृक गांव लौटते समय हुए हादसे में कार सवार छह लोगों के दम तोड़ने और तीन के घायल होने से नगला दौही में शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
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परिवार में तीन जून की शादी को लेकर छाया उत्साह पलक झपकते ही काफूर हो गया। इस हादसे में पुत्र, पुत्रवधु, नाती-नातिन की मौत से रामनारायण के परिवार पर पहाड़ टूट गया।
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बताते चलें कि तीन जून को दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिनपुरापुर दौही निवासी दिलीप पुत्र मुकेश कुमार की शादी है।
मंगलवार रात दिलीप के तिलकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसके चाचा धर्मेंद्र कुमार प्रजापति पुत्र रामनारायन अपनी पत्नी बीनू (35), पुत्री अंजली (12), तान्या (10), सान्या (8), गुड़िया (3) व भतीजे रामजी पुत्र प्रेमनारायन, अक्षय कुमार (18) के साथ औरैया आ रहे थे।
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कार कानपुर देहात के ग्राम दशहरी निवासी मोहन कुमार (35) चला रहा था। सुबह सिरसागंज पुलिस ने रामजी की बहन गीता को फोन कर सड़क हादसे में धर्मेंद्र उर्फ साधू, अक्षय, रामजी, अंजली, तान्या व चालक मोहन की मौत की खबर दी। यह सुनते ही वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी।
होश आने पर गीता ने अपने पिता को घटना की जानकारी दी। जैसे ही मुकेश को परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की खबर सुनी तो वह दहाड़े मार-मारकर रोने लगे।
वहीं हादसे की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिस किसी ने भी इस हादसे की खबर सुनी, उसकी आंखे भर आई। वहीं घर में चल रही दिलीप की शादी की तैयारियां जोरों से चल रही थीं। पलक झहपते ही शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
राम नारायन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे - औरैया। बुधवार तड़के सिरसागंज के पास सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत दिल-दहला देने वाली घटना है। राम नारायन के पुत्र धर्मेंद्र उर्फ साधू व दो नातिन तान्या व अंजली की मौत की खबर सुनकर राम नारायन की आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
20 साल से बाहर रह रहा था धर्मेंद्र - औरैया। राम नारायन का पुत्र धर्मेँद्र 20 वर्ष पहले ही चला गया था, लेकिन अपने माता-पिता से मिलने के लिए वह आता रहता था, लेकिन जब धर्मेंद्र की मौत की खबर पिता राम नारायन व मां जगन देवी को लगी तो उनके ऊपर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।