Auraiya: युवक को सरेआम मारी थी गोली, महिला मित्र से दोस्ती का था शक, तीन आरोपी गिरफ्तार
Auraiya Crime: फफूंद थाना क्षेत्र में युवक को गोली मारने के मामले में तीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बताया है कि महिला मित्र से दोस्ती होने के शक में गोली मारी गई थी। मंदिर जाते समय बाइक सवारों ने युवक पर गोली चलाई थी।
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औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के जैतपुर में सोमवार सुबह सरेआम युवक को गोली मारने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को मंगलवार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पकड़े गए आरोपियों में एक ने महिला मित्र से बात किए जाने के शक में गोलीकांड की घटना कबूल की है।
एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि सार्थक तिवारी की महिला मित्र से शेखर शुक्ला की बातचीत होने के शक में कुछ पहले विवाद हुआ था। दोनों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। सार्थक दिल्ली में रहता था और सोमवार सुबह ही दिल्ली से आया।
घर आने के बाद वह अपने दोस्त गोपाल अवस्थी की बाइक से माखनपुर निवासी रजनीश उर्फ बाबू के घर गया। यहीं पर शेखर का काम तमाम करने की योजना बनाई। रजनीश से तमंचा व कारतूस लेकर सार्थक और गोपाल जैतपुर मंदिर के लिए निकले थे। उन्हें मालूम था कि शेखर पूजा करने के लिए आता है।
दोनों अपने साथियों के साथ राकेश शुक्ला के समर के पास शेखर शुक्ला को रोककर लिया और गाली गलौज की। विरोध करने पर सार्थक ने जान से मारने की नियत से गोली चला दी। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला फफूंद थाने में तीन नामजद के खिलाफ दर्ज किया था।
मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली की तीनों भागने की फिराक में है, इस पर सीओ अजीतमल भरत पासवान, फफूंद पुलिस व एसओजी टीम ने घेराबंदी कर सार्थक तिवारी, गोपाल अवस्थी निवासी तिवारियान थाना फफूंद, रजनीश उर्फ बाबू निवासी माखनपुर थाना फफूंद को जुआं पुल मजार के पास से गिरफ्तार किया।
पकड़े गए अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, दो 315 बोर के तमंचे, कारतूस बरामद हुए हैं। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एएसपी ने बताया कि घटना में शामिल आफताब निवासी कटरा मानेपुर की तलाश में दबिश दी जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
महिला मित्र को लेकर बने जानी दुश्मन
घटना का खुलासा होने पर पुलिस को आरोपियों ने बताया कि जिस युवती से सार्थक की दोस्ती थी उसी से शेखर भी दोस्ती करना चाहता था। दोनों में इसी बात को लेकर मनुटाव चला आ रहा था। सार्थक और शेखर आपस में बात कर वर्चस्व दिखाते थे। सार्थक दिल्ली में रहता था।