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चेतावनी बिंदु के पार पहुंची यमुना
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 27 Jul 2015 11:40 PM IST
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बांध से छोड़ा गया पानी चंबल के रास्ते यमुना में पहुंचा तो नदी के किनारे
की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
शेरगढ़ घाट पर स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर सोमवार की शाम सात बजे यमुना का जलस्तर 111.33 को पार कर गया है, जो चेतावनी बिंदु 111 मीटर से ज्यादा है।
इससे यमुना पट्टी के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति संवेदनशील देख जिला प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ग़्रस्त गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है।
अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना पट्टी के गांव शेरगढ़ घाट की तुलना में निचाई में बसे हैं। रविवार को कोटा बैराज से एक बार फिर पानी छोड़े जाने से चंबल नदी के बहाव के साथ वेग से गिरे पानी ने यमुना नदी की धारा को उल्टा कर दिया।
लिहाजा यमुना का पानी किनारा तोड़कर यमुना पट्टी के क्योंटरा, सरसई, अस्ता, मई, भदौरा, जुहीखा, गूंज, कैथौली, बीजलपुर, मिश्रपुर मानिकचंद्र, फरिहा, बड़ेरा, गोहानी कलां, गोहानी खुर्द, वंशियापुर, जाजपुर, भरेपुर कलां, बरदौली, असेवा व मढ़ापुर गांवों की ओर बढ़ने लगा।
इससे अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना पट्टी के गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ बाजरा, मक्का, जुंडी, तिल और मुंगफली की फसल जलमग्न हो गई।
पानी तेजी से बढ़ने से इन गांवों में बाढ़ का खतरा है। जलस्तर बढ़ने से सबसे खराब स्थिति ग्राम जाजपुर, गोहानी कला, बड़ेरा, शाला, सिकरौड़ी आदि बीहड़ी गांवों की है। ग्राम जाजपुर से गोहानी कलां को जाने वाली सड़क पर पानी भरने से ग्राम गोहानी कला का संपर्क कट गया है।
शेरगढ़ घाट पर स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर सोमवार की शाम सात बजे यमुना का जलस्तर 111.33 को पार कर गया है, जो चेतावनी बिंदु 111 मीटर से ज्यादा है।
इससे यमुना पट्टी के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति संवेदनशील देख जिला प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ग़्रस्त गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है।
अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना पट्टी के गांव शेरगढ़ घाट की तुलना में निचाई में बसे हैं। रविवार को कोटा बैराज से एक बार फिर पानी छोड़े जाने से चंबल नदी के बहाव के साथ वेग से गिरे पानी ने यमुना नदी की धारा को उल्टा कर दिया।
लिहाजा यमुना का पानी किनारा तोड़कर यमुना पट्टी के क्योंटरा, सरसई, अस्ता, मई, भदौरा, जुहीखा, गूंज, कैथौली, बीजलपुर, मिश्रपुर मानिकचंद्र, फरिहा, बड़ेरा, गोहानी कलां, गोहानी खुर्द, वंशियापुर, जाजपुर, भरेपुर कलां, बरदौली, असेवा व मढ़ापुर गांवों की ओर बढ़ने लगा।
इससे अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना पट्टी के गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ बाजरा, मक्का, जुंडी, तिल और मुंगफली की फसल जलमग्न हो गई।
पानी तेजी से बढ़ने से इन गांवों में बाढ़ का खतरा है। जलस्तर बढ़ने से सबसे खराब स्थिति ग्राम जाजपुर, गोहानी कला, बड़ेरा, शाला, सिकरौड़ी आदि बीहड़ी गांवों की है। ग्राम जाजपुर से गोहानी कलां को जाने वाली सड़क पर पानी भरने से ग्राम गोहानी कला का संपर्क कट गया है।