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किसान की मौत से गांव में छाया मातम
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Sun, 12 Jul 2015 12:14 AM IST
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अवनेश की मौत का मातम शनिवार को गांव में छाया रहा। गांव का प्रत्येक सदस्य पीड़ित परिवार को मदद दिलाने का भरोसा दिलाता रहा। इधर पति का शव देख सुधा फूट-फूटकर रोई।
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आर्थिक तंगी और बीमारी के चलते हुई अवनेश की मौत से हैदरपुर गांव में मातम छाया है। वहीं अवनेश के घर में पत्नी और बच्चों का बुरा हाल है। जीवन का सपना टूटता देख अवनेश ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
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इसी बात से आहत पत्नी सुधा रोती रही। वह बार-बार यही कह रही थी कि यह क्या कर डाला। जीवन भर साथ निभाने को कहा रहा.. बीच में छोड़कर कहां चले गए...अब का होगा... कौन हमका राखी, बच्चन का कहा होई।
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इधर मां सुधा को रोता देख शोभा व मोना भी फूट-फूटकर रोने लगीं। पुत्र सत्यम (10 वर्ष), पदम (आठ वर्ष) अपने चाचा अखिलेश के पास बैठे रहे, उन्हें शायद यह नहीं पता था कि उन्होंने हमेशा के लिए अपने पापा को खो दिया है।
उठी अर्थी, निकली चीखें..- मुरादगंज (औरैया)। अवनेश का शव देखने के लिए हुजूम उसके घर के बाहर उमड़ा रहा। गांव वासी उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते रहे। जैसे ही अंतिम संस्कार के लिए अवनेश की अर्थी उठी, एक बार फिर कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी इस गम न झेल सकी और वहीं पर बेहोश हो गई।
महिलाओं ने सुधा को उठाकर उसे होश में लाया। पिता को कंधे पर जाता देख मोना व शोभा की चीखें निकल पड़ी..। जैसे-जैसे अर्थी आगे बढ़ती जा रही थी। बच्चे एक बार और पिता को देखने के लिए दौड़ पड़े। तभी ग्रामीणों ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए घर वापस भेज दिया।