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Auraiya News: ग्रामीणों ने की बारात घर बनाने की मांग
Wed, 17 Jan 2024 01:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 17 Jan 2024 01:08 AM IST
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फफूंद। ब्लॉक भाग्य नगर की ग्राम पंचायत परघईपुर में बरात घर न होने से शादी समारोह के दौरान ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में होने वाले शादी विवाह में कमजोर तबके के लोग खेत या सड़क पर टेंट लगाकर कार्यक्रम करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने गांव में बरात घर बनाए जाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत परघईपुर की आबादी लगभग ढाई हजार है। इसके बावजूद भी गांव में कोई बरात घर नहीं है। लोगों को शादी समारोह के दौरान वैवाहिक कार्यक्रम सड़क, गलियों और खेतों पर करने पड़ते हैं। जिससे ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बोले ग्रामीण-- -
फोटो16एयूआरपी 01- रामदास
ग्रामीण रामदास का कहना है कि गांव में बरात घर बनाने की कई वर्षों से मांग की जा रही है। अब तक सुनवाई नहीं हुई। जबकि पड़ोस की पंचायतों में बरात घर बन गए हैं। ग्रामीण ग्राम प्रधान समेत ब्लॉक के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिलते हैं।
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फोटो16एयूआरपी 02- अनूप कुमार
अनूप कुमार ने बताया कि गांव में रहने वाले आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो कस्बे और शहर के गेस्ट हाउस से शादी विवाह समारोह कर लेते हैं, लेकिन कमजोर तबके के लोगों के विवाह समारोहगलियों और खेतों में टेंट लगाकर संपन्न किए जाते हैं।
बोले जिम्मेदार-- -
ग्राम प्रधान राकेश बाबू ने बताया की ग्राम पंचायत की बैठक में भी गांव में बरात घर बनवाने का प्रस्ताव रखा है। कार्य योजना बना ली गई है। बजट नहीं है, बजट आते ही बरात घर का निर्माण कराया जाएगा।
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ग्राम पंचायत परघईपुर की आबादी लगभग ढाई हजार है। इसके बावजूद भी गांव में कोई बरात घर नहीं है। लोगों को शादी समारोह के दौरान वैवाहिक कार्यक्रम सड़क, गलियों और खेतों पर करने पड़ते हैं। जिससे ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बोले ग्रामीण
फोटो16एयूआरपी 01- रामदास
ग्रामीण रामदास का कहना है कि गांव में बरात घर बनाने की कई वर्षों से मांग की जा रही है। अब तक सुनवाई नहीं हुई। जबकि पड़ोस की पंचायतों में बरात घर बन गए हैं। ग्रामीण ग्राम प्रधान समेत ब्लॉक के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिलते हैं।
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फोटो16एयूआरपी 02- अनूप कुमार
अनूप कुमार ने बताया कि गांव में रहने वाले आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो कस्बे और शहर के गेस्ट हाउस से शादी विवाह समारोह कर लेते हैं, लेकिन कमजोर तबके के लोगों के विवाह समारोहगलियों और खेतों में टेंट लगाकर संपन्न किए जाते हैं।
बोले जिम्मेदार
ग्राम प्रधान राकेश बाबू ने बताया की ग्राम पंचायत की बैठक में भी गांव में बरात घर बनवाने का प्रस्ताव रखा है। कार्य योजना बना ली गई है। बजट नहीं है, बजट आते ही बरात घर का निर्माण कराया जाएगा।