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Auraiya News: जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। पिछले चार दिनों से यमुना नदी में बढ़ रहा जलस्तर शनिवार सुबह से घटना शुरू हो गया। शनिवार शाम सात बजे जल स्तर घट कर 105.43 पर आ पहुंचा। जल स्तर घटते देख नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के सभी इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है।
हथिनी कुंड और कोटा बैराज से छोड़े गए पानी ने यमुना नदी का जल स्तर बढ़ाना शुरू किया था। इससे नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई थी। बाढ़ का पानी अजीतमल क्षेत्र के सिकरोड़ी व गोहानी खुर्द की सीमा पर भी पहुंच गया था। इन गांवों के ग्रामीण ऊंचे पर जाने के लिए सामान समेटने लगे थे।
शनिवार को अचानक से पानी के बहाव में सुबह से ही स्थिरता आनी शुरू हो गई। शुक्रवार शाम 105.75 मीटर जलस्तर शनिवार शाम सात बजे 105.43 आकर रुक गया। जल स्तर पर निगाह बनाए केंद्रीय जल आयोग की टीम ने फिलहाल पानी न बढ़ने की संभावना जताई है।
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यमुना नदी में पानी के घटने से नदी किनारे स्थित गांव के ग्रामीणों में राहत दिखाई देने लगी है। इसके बाद भी अभी प्रशासन यमुना के जल स्तर पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी इंतजाम हैं। यदि बाढ़ की कोई स्थिति बनती भी है, तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।
- अखिलेश कुमार, एसडीएम सदर, औरैया
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औरैया। पिछले चार दिनों से यमुना नदी में बढ़ रहा जलस्तर शनिवार सुबह से घटना शुरू हो गया। शनिवार शाम सात बजे जल स्तर घट कर 105.43 पर आ पहुंचा। जल स्तर घटते देख नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के सभी इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है।
हथिनी कुंड और कोटा बैराज से छोड़े गए पानी ने यमुना नदी का जल स्तर बढ़ाना शुरू किया था। इससे नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई थी। बाढ़ का पानी अजीतमल क्षेत्र के सिकरोड़ी व गोहानी खुर्द की सीमा पर भी पहुंच गया था। इन गांवों के ग्रामीण ऊंचे पर जाने के लिए सामान समेटने लगे थे।
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शनिवार को अचानक से पानी के बहाव में सुबह से ही स्थिरता आनी शुरू हो गई। शुक्रवार शाम 105.75 मीटर जलस्तर शनिवार शाम सात बजे 105.43 आकर रुक गया। जल स्तर पर निगाह बनाए केंद्रीय जल आयोग की टीम ने फिलहाल पानी न बढ़ने की संभावना जताई है।
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यमुना नदी में पानी के घटने से नदी किनारे स्थित गांव के ग्रामीणों में राहत दिखाई देने लगी है। इसके बाद भी अभी प्रशासन यमुना के जल स्तर पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी इंतजाम हैं। यदि बाढ़ की कोई स्थिति बनती भी है, तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।
- अखिलेश कुमार, एसडीएम सदर, औरैया