{"_id":"69ed0bc78ded65caab044144","slug":"vigilance-registers-fir-against-former-mlc-kamlesh-pathak-for-possessing-disproportionate-assets-auraiya-news-c-211-1-ka11004-143748-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर विजिलेंस ने दर्ज की आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर विजिलेंस ने दर्ज की आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर
Sun, 26 Apr 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक
औरैया। दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी और गैंगस्टर की सजा काट रहे पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर दर्ज की है।
शासन के आदेश पर यह मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए थे। इससे पूर्व एमएलसी की मश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर लोकसेवक रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज की गई थी। इसकी जांच में सामने आया कि कमलेश पाठक ने अपनी वैध आय के सापेक्ष लगभग 49.48 लाख रुपये की अतिरिक्त परिसंपत्ति बनाई है।
विजिलेंस के कानपुर सेक्टर के निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने शनिवार को कानपुर में इसकी एफआईआर दर्ज कराई है। शासन द्वारा इस मामले की जांच के आदेश काफी समय पहले दिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद अब यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कमलेश पाठक ने लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए उनके आय के ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल आय 1.53 करोड़ पाई गई। हालांकि, इसी अवधि के दौरान उनके द्वारा अर्जित कुल संपत्तियां और किया गया व्यय 2.03 करोड़ से अधिक पाया गया। इस प्रकार, उन्होंने अपनी वैध आय से अधिक खर्च किए, जिसका वह कोई ठोस स्रोत नहीं बता सके।
विज्ञापन
-- -
साढ़े पांच साल से जेल में है पूर्व एमएलसी, लगातार दर्ज हो रहीं प्राथमिकी
कमलेश पाठक और उनके भाई समेत 10 लोग वर्ष 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोप में बीते साढ़े पांच सालों से अलग-अलग जेलों में निरुद्ध हैं। इसी वर्ष 24 मार्च को उन्हें गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने छह साल की सजा सुनाई थी। वहीं दोहरे हत्याकांड की सुनवाई भी लगातार चल रही है। इतना ही नहीं जनवरी 2026 में भी उन पर शहर के एक बटन कारोबारी रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में अप्रैल 2026 में पुलिस उनके खिलाफ दोबारा गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है।
-- -
विज्ञापन
शासन के आदेश पर यह मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए थे। इससे पूर्व एमएलसी की मश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर लोकसेवक रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज की गई थी। इसकी जांच में सामने आया कि कमलेश पाठक ने अपनी वैध आय के सापेक्ष लगभग 49.48 लाख रुपये की अतिरिक्त परिसंपत्ति बनाई है।
विजिलेंस के कानपुर सेक्टर के निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने शनिवार को कानपुर में इसकी एफआईआर दर्ज कराई है। शासन द्वारा इस मामले की जांच के आदेश काफी समय पहले दिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद अब यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट के अनुसार कमलेश पाठक ने लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए उनके आय के ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल आय 1.53 करोड़ पाई गई। हालांकि, इसी अवधि के दौरान उनके द्वारा अर्जित कुल संपत्तियां और किया गया व्यय 2.03 करोड़ से अधिक पाया गया। इस प्रकार, उन्होंने अपनी वैध आय से अधिक खर्च किए, जिसका वह कोई ठोस स्रोत नहीं बता सके।
विज्ञापन
साढ़े पांच साल से जेल में है पूर्व एमएलसी, लगातार दर्ज हो रहीं प्राथमिकी
कमलेश पाठक और उनके भाई समेत 10 लोग वर्ष 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोप में बीते साढ़े पांच सालों से अलग-अलग जेलों में निरुद्ध हैं। इसी वर्ष 24 मार्च को उन्हें गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने छह साल की सजा सुनाई थी। वहीं दोहरे हत्याकांड की सुनवाई भी लगातार चल रही है। इतना ही नहीं जनवरी 2026 में भी उन पर शहर के एक बटन कारोबारी रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में अप्रैल 2026 में पुलिस उनके खिलाफ दोबारा गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है।